बागपत में मिल का पेराई सत्र बंद होने की सूचना पर किसानों में हड़कंप मचा है। रविवार को किसानों ने मिल में हंगामा किया। 30 अप्रैल तक मिल का पेराई सत्र चालू रखने की मांग की। किसानों ने कहा खेतों में अभी भी 30-35 प्रतिशत गन्ना खड़ा है।
बागपत मिल के पेराई सत्र समाप्त करने की चेतावनी देने से किसानों में खलबली मच गई। जानकारी मिलते ही रविवार को निनाना, मसूरी, सरूरपुर कलां, सांकरौद आदि कई गांवों के किसानों ने बागपत शुगर मिल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने कहा अभी 30-35 प्रतिशत गन्ना खेतों में खड़ा है। किसान लगातार पर्ची मिलने पर गन्ना मिल में डाल रहे हैं। मजदूर न मिलने के कारण गन्ने की कटाई (छोल) नहीं हो पा रही है।
किसानों ने कहा रात में भी गन्ने की कटाई कराई जा रही है। मिल को पर्याप्त गन्ना दिया जा रहा है, मिल प्रबंधक द्वारा जान बूझकर किसानों को परेशान करने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। किसानों ने कहा मिल द्वारा कुछ किसानों को अधिक पर्ची भेजी जा रही हैं, जबकि कुछ को एक, दो पर्चियां ही दी जा रही हैं। प्रबंधक मिल का पेराई सत्र शीघ्र समाप्त करने के प्रयास में हैं।
मिल का पेराई सत्र जल्द खत्म कर दिया तो किसानों का गन्ना खेतों में ही सूख जाएगा या फिर कम रेटों में क्रेशरों पर डालने को मजबूर होना पड़ेगा। हंगामा कर रहे किसानों ने जीएम से 30 अप्रैल तक पेराई सत्र सुचारु रखने की मांग की। इनमें अशोक, प्रमोद, संजय धामा, सतेंद्र धामा, जयपाल, नेपाल, ओमबीर, सुरेंद्र, अशोक आदि रहे।
इस संबंध में बागपत शुगर मिल के जीएम प्रदीप त्रिपाठी ने कहा मिल को कई बार पर्याप्त गन्ना नहीं मिला। जबकि इंडेंट काफी जारी किया। इससे लग रहा है खेतों में गन्ना कम रह गया है। इसलिए किसानों से गन्ना शीघ्र मंगाया जा रहा है। मिल का पेराई सत्र तभी खत्म होगा, जब किसानों का पूरा गन्ना खत्म हो जाएगा।