बागपत के खेकड़ा में ग्राम सरफाबाद के जंगल में कुंडली पेरिफेरल हाइवे में अधिग्रहण की गई भूमि के बढे़ मुआवजे की मांग को लेकर किसानों के धरने का रविवार को 53वां दिन था। बरिश और ठंड के बावजूद डटे किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नही किया गया तो वे आंदोलन को तेज करने के लिए विवश होंगे।
ग्राम सरफाबाद के जंगल में कुंडली पेरिफेरल हाईवे के संशोधित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों की जंग जारी है। किसान बढे़ हुए मुआवजे को लेने के लिए हाईवे का काम रोककर 53 दिनों से धरने पर बैठे हैं। हालात ये है कि ठेकेदार अपनी मशीनों को लेकर यहां से जा चुके हैं और कार्य पूरी तरह से बंद हो गया है।
किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोध में नहीं हैं। हाईवे बनने पर उनके बच्चों को भी लाभ होगा। उनकी शेष बची जमीनें भी महंगी हो जाएगी। हालांकि हाईवे अथॉरिटी भी टोल आदि से धन कमाएंगी। ऐसे में उनको भी बढ़ी हुई कीमतों के अनुसार संशोधित राशि दी जानी चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी कि उनको कमजोर न समझा जाए।
वे गांधीवादी तरीके से शांतिपूर्वक बैठे है। जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक, प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार, हाईवे अथॉरिटी सब आंखें बंद किए बैठे है। यदि उनकी मांग जल्द नही मानी गयी तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान अनेक किसान मौजूद रहे।