किसान की हत्या के बाद विलाप करतीं मां और भाभी।
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बागपत के बड़ौत में बिजरौल गांव के जंगल में एक किसान की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हत्या की जानकारी सोमवार की सुबह लगने पर सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के पिता ने अज्ञात में हत्या का मामला दर्ज कराया।
किसान संजीव (45) पुत्र सूबे सिंह बिजरौल गांव का रहने वाला था। वह रविवार की सांय तीन बजे घर से खेत में गया था। सोमवार की सुबह जब बिजरौल गांव का सुधीर अपने नलकूप पर गया तो वहां पर संजीव का खून से लथपथ पड़ा था। उसकी सिर में गोली मारकर हत्या की और दूर-दूर तक खून बिखरा था। उसके नजदीक ही शराब के खाली पव्वे और नमकीन के पैकेट भी पड़े थे। इस हत्या की सूचना से गांव में सनसनी फैल गई और काफी संख्या में लोग घटना स्थल पर जमा हो गए।
सूचना पर एएसपी एजाजुल हक, सीओ सीपी सिंह और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मृतक के पिता सूबे सिंह ने बताया संजीव की 16 वर्ष पहले छपरौली से शादी हुई थी और शादी के एक साल बाद ही मन मुटाव के चलते तलाक नामा हो गया था और दोनों पक्षों में फैसला हो गया था। संजीव सबसे बड़ा बेटा था और उसने फिर शादी भी नहीं की। उससे छोटा नीटू मुंबई में फौज में तैनात है और सबसे छोटा भाई अमित पढ़ रहा है।
गांव वासी यह भी बताते है कि संजीव शराब पीने का शौकीन था। शराब को लेकर घर में उसके साथ झगड़ा रहता था। सीओ सीपी सिंह ने बताया घटना स्थल पर मिले पव्वे और नमकीन के पैकेट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि शराब पीते समय उसका किसी से विवाद हुआ होगा, लेकिन अभी इस मामले में गहराई से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नहीं थम रहे परिजनों के आंसू
बड़ौत। संजीव की मौत के बाद उसकी मां सरसों और भाभी का रोता बुरा हाल था। उनका कहना था कि उसकी किसी से रंजिश नहीं थी। उसे तो कोई बुलाकर ले गया है और उसकी हत्या कर दी। उसके पिता सूबे सिंह भी अपने बेटे की हत्या पर गमगीन थे और कुछ बोल नहीं पा रहे थे। इतना जरूर कह रहे थे उसका गांव में किसी से कोई विवाद नहीं है। उन्होंने जांच कर हत्यारों की कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।