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कर्ज की पिस्टल से सोने के तमगे जीत रही किसान की बेटी

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युविका तोमर। - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली युविका तोमर पहले भी कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। जिनमें सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक ही शामिल हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि वह कर्ज की पिस्टल से यह सोने के तमगे जीत रही हैं। उसके पिता किरणपाल ने जमीन पर क्रेडिट कार्ड बनवाया और उस क्रेडिट पर कर्ज लेकर बेटी के लिए पिस्टल खरीदी। जिसका कर्ज अभी तक पिता चुका रहे हैं।
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आरिफपुर खेड़ी गांव के किसान किरणपाल ने बेटी युविका तोमर को खेल में कोई परेशानी नहीं हो, उसके लिए कर्ज तक लिया। युविका ने भी पिता की उम्मीद को कभी नहीं टूटने दिया और वह लगातार पदक जीत रही है। युविका ने वर्ष वर्ष 2017 में शूटिंग करनी शुरू की और उसने काफी जल्दी सटीक निशाने लगाने शुरू कर दिए।
वर्ष 2019 में जूनियर एशियन चैंपियनशिप दोहा में उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में दो स्वर्ण, एक सिल्वर पदक जीता तो ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में दो स्वर्ण व एक सिल्वर पदक जीता।
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इसके अलावा उसका वर्ल्ड शूटिंग चैंपियनशिप के लिए भी चयन हो गया था जो कोरोना के कारण निरस्त हो गई थी। युविका शुरूआत से ओलंपिक का सपना लेकर खेल रही हैं और वह एक दिन देश के लिए ओलंपिक मेें खेलकर पदक जीतना चाहती हैं।
घर से लेकर खेत तक का करती हैं कार्य
युविका तोमर घरेलू कार्य भी करती हैं तो पिता के साथ खेत के कार्य में हाथ बंटाती हैं। इसके बाद भी वह प्रैक्टिस के लिए समय निकालती हैं। उन्होंने पिता से वादा किया हुआ है कि जिस तरह से उन्होंने उसको कभी खेल के लिए कोई परेशानी नहीं होने दी, उस तरह वह भी उनका देश के लिए पदक जीतने का सपना पूरा करती रहेंगी।
नेशनल में स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया गांव व जिले का नाम
युविका के नेशनल गेम्स में पदक जीतने के बाद परिवार में काफी खुशी का माहौल है। युविका के परिजन कहते हैं कि उनकी बेटी ने पदक जीतकर आरिफपुर खेड़ी गांव का मान बढ़ाया है, तो बागपत व प्रदेश का मान भी युविका ने बढ़ाया। युविका के जीतने पर गांव में खुशी का माहौल है।
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