किसान की मौत के बाद विलाप करते परिजन।
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अब्दुलपुर मेवला गांव में कर्ज में डूबा किसान ब्रह्मपाल सिंह कई दिन से तनाव में था। इसी कारण उसकी हार्टअटैक से मौत हो गई। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया है।
अब्दुलपुर मेवला निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उसके चाचा ब्रहमपाल सिंह के पास तीन बीघा जमीन है। उसी से परिवार का गुजर बसर कर रहे थे। चाचा ने अलग-अलग बैंकों से करीब 2.60 लाख रुपये का ऋण ले रखा था। पिछले कुछ समय से किश्त जमा नहीं कर पा रहे थे। एक सप्ताह पूर्व उनकी आरसी काट दी गई थी। तहसील के कर्मचारी बकाया राशि के भुगतान का दबाव बना रहे थे।
इसी के चलते पिछले कई दिनों से तनाव में चल रहे थे। सोमवार को तहसील और बैंक के कर्मचारी घर पर पहुंचे थे। उन्होंने बकाया भुगतान जमा न करने पर जमीन और घर को नीलाम करने की हिदायत दी थी। इसका सदमा चाचा सहन नहीं कर पाए।
उनकी हृदय गति रुकने से मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि किसान का कर्ज माफ किया जाए साथ ही परिवार की आर्थिक मद्द की जाए। ताकि उनका पालन पोषण ठीक तरह से हो सके।