बागपत। फैजपुर निनाना एक ऐसा गांव है, जिसकी पहचान सबसे पहले मुवासीनाथ की रागिनी से देशभर में बनी। मगर समय के साथ उसकी पहचान नई उपलब्धियां के साथ जुड़ती गई। देश की आजादी में यह गांव शामिल रहा और यहां से 18 स्वतंत्रता सेनानी निकले। यहां की तीन-तीन पीढि़या देश सुरक्षा में लगी हैं तो अब गांव की लाइब्रेरी से पढ़कर 20 से अधिक युवा शिक्षक, फौजी, दिल्ली व यूपी पुलिस, बीएसएफ सहित कई सरकारी नौकरी में सेवा दे रहे हैं।
फैजपुर निनाना के रहने वाले मुवासीनाथ ने करीब डेढ़ सौ साल पहले रागिनी शुरू की थी और उनकी रागिनी को सुनने के लिए देशभर के लोग कायल हो गए थे। गांव की पहचान रागिनी से हुआ करती थी। इसके बाद देश की आजादी में भी ग्रामीणों ने अहम भूमिका निभाई थी। गांव के 18 ग्रामीणों ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोला था। इनमें हरफूल, टीका, राज सिंह, अभेराम, जिहान सिंह, रमला, नाहरा सिंह, बलबीर आदि शामिल थे।
वहीं गांव के महाराज सिंह का ऐसा परिवार है, जिसकी तीन पीढि़यां देश सुरक्षा में रहीं और पाकिस्तान के साथ युद्ध भी लड़ा। लेफ्टिनेंट महाराज सिंह वर्ष 1948 में जम्मू-कश्मीर ऑपरेशन के तहत पाकिस्तानी सेना से जंग लड़ते हुए शहीद हुए थे। उनके बेटे कर्नल भीम सिंह भी देश सुरक्षा के लिए सेना में चले गए। उन्होंने भी देश के लिए वर्ष 1971 में पाकिस्तान से जंग लड़ी थी। अब कर्नल भीम सिंह के बेटे मेजर सिद्धार्थ धनकड़ देश सुरक्षा में जुटे हैं।
अंग्रेजों के समय में एसडीएम रहे जीत सिंह
फैजपुर निनाना गांव के जीत सिंह अंग्रेजों के समय में पहले एसडीएम रहे। अंग्रेजों ने उनको ही सभी अधिकार दे रखे थे। साथ ही गांव में दो सौ साल पुरानी चौपाल है। इस चौपाल पर अंग्रेज पंचायत करते थे। यदि किसी पर जुर्माना लगाना हो तो चौपाल पर ही लोगों को एकत्र करते थे।
गांव की लाइब्रेरी से सरकारी नौकरी तक पहुंच रहे युवा
फैजपुर निनाना गांव के पंचायत घर में दो साल पहले डिजीटल लाइब्रेरी बनाई गई। यहां सात गांव के 40 से अधिक युवक पहुंचकर सुबह आठ बजे से रात के 11 बजे तक तैयारी करते हैं। दो साल में ही लाइब्रेरी में तैयारी करके करीब 20 युवा केंद्रीय विद्यालय, बीएसएफ, सेना, दिल्ली व उत्तर प्रदेश पुलिस, आईटीबीपी, लिपिक पद की सरकारी नौकरी में पहुंच गए हैं। इनमें नीरज दिल्ली पुलिस, सन्नी आर्मी, सूरज आईटीबीपी, टि्वंकल केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक, रविश व शैलेश बीएसएफ आदि सेवा दे रहे हैं।
युवा अब शिक्षा के सहारे नौकरी पर दे रहे ध्यान
गांव के अरुण कहते हैं कि गांव ने देश की आजादी से लेकर देश सुरक्षा में अहम योगदान दिया है। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए युवा अब शिक्षा के सहारे नौकरी पर ध्यान दे रहे हैं।
-एतिहासिक गांव है फैजपुर निनाना
गांव के वीरेंद्र तेजान कहते हैं कि फैजपुर निनाना एतिहासिक गांव है। यहां की रागिनी देशभर में मशहूर थी तो देश की आजादी में हमारे पूर्वजों का बड़ा योगदान रहा है। यहां के सेना के जवानों ने कई जंग में अपना लोहा मनवाया है।
फैजपुर निनाना गांव की पहले रागिनी गायक मुवासीनाथ से पहचान थी तो देश की आजादी में यहां के लोगों का सहयोग रहा है। अब यहां के युवा कड़ी मेहनत करके सरकारी नौकरी तक पहुंच रहे है, जिनमें देश सुरक्षा का जिम्मा भी युवा उठा रहे हैं। - प्रीति, प्रधान फैजपुर निनाना