छपरौली ब्लाक के 26 गांवों में विकास कार्यों के लिए पांच पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन ब्लाक के 23 गांवों में आज तक भी विकास कार्य शुरू नहीं कराया है। बजट भी समय से खर्च नहीं हो पा रहा। इस संबंध बीडीओ ने कहा यदि सात दिन में कार्य शुुरू नहीं हुए तो संबंधित सचिव का वेतन रोक कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
गांवों में विकास कार्यों के लिए जिला प्रशासन पंचायत सचिवों की तैनाती करता है। इनकी अनुमति के बिना गांवों में विकास कार्य नहीं होते हैं। छपरौली ब्लाक में 26 गांवों में विकास कार्यों को कराने के लिए पांच ग्राम पंचायत सचिव की तैनाती की। 26 में से केवल तीन ही गांवों में विकास कार्य शुरू हो सके, 23 गांवों में कार्य शुरू नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार पंचायत सचिवों ने तालाबों की सफाई, बजट खर्च करने, मनरेगा योजना में कार्य कराने, डॉ. राममनोहर लोहिया योजना में बने आवासों के फोटोग्राफ और कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र आदि कार्य भी नहीं किए है। इससे ग्राम विकास का बजट खर्च नहीं हो पा रहा है।
जानकारी होने पर बीडीओ ने लापरवाह छपरौली ब्लाक के कुर्डी के संदीप कुमार, रमाला के शिव कुमार, सूप राजपुर के कृष्ण कुमार, चांदनहैड़ी के नरेंद्र दत्त शर्मा और रठौडा के वीरेंद्र पाल को एक सप्ताह में कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। कार्य शुरू न होने पर संबंधित सचिव के वेतन रोकने से लेकर विभागीय कार्रवाई होगी।