आपको जानकर ताज्जुब होगा कि पश्चिमाचंल के 15 स्टोर सेंटरों पर इस समय 1508 फुंके ट्रांसफार्मर रखे हुए है, जो जंग खाकर खराब होने की कगार पर है। अकेले बागपत में 183 ट्रांसफार्मर फुंके हुए है। सबसे ज्यादा फुंके हुए ट्रांसफार्मर सहारनपुर में 460, फिर मुजफ्फरनगर 213 ट्रांसफार्मर रखे हुए है, जो मरम्मत की बाट जोह रहे है, लेकिन आज तक निगम के जिम्मेदार यह तय नहीं कर पाए की फुंके ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराई जाए, या फिर इन्हें स्क्रैप में बेचा जाए। जिस कारण तकरीबन सात करोड़ रुपयों के ट्रांसफार्मर जंग लगने से खराब हो रहे।
ओवरलोड से हांफ रहे ट्रांसफार्मर
जहां एक ओर विभागीय अधिकारी फुंके ट्रांसफार्मरों की मरम्मत नहीं करा पा रहे है, वहीं दूसरी ओर जनपद में कुछ ट्रांसफार्मरों को छोड़कर अधिकांश ट्रांसफार्मर ओवरलोड से हांफ रहे है। आए दिन ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के फुंकने की वजह से लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है।
यह भी है कारण
यदि विभाग इन फुंके ट्रांसफार्मरों की मरम्मत कराता है तो एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराने में नए ट्रांसफार्मर की आधी कीमत का खर्च आता है यानी एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत में लगभग 30 हजार विभाग का खर्च आता है, जबकि नया ट्रांसफार्मर 50 से 60 हजार में आ जाता है। वहीं यदि विभाग इन ट्रांसफार्मरों को स्क्रैप में देने की सोचता है तो एक ट्रांसफार्मर मात्र 8 से 10 हजार में जाएगा। ऐसे में विभागीय अधिकारी दस साल बीत जाने के बाद भी आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं ले सके।
स्टोर पर फुंके ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रखा गया है, जैसे ही विभागीय अफसरों का कोई आदेश प्राप्त होता है, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी- दीपांश कुमार सहायक अभियंता स्टोर बड़ौत।
स्टोर का नाम फुंके ट्रांसफार्मरों की संख्या
बड़ौत 183
बुलंदशहर 31
बिजनौर 18
धामपुर 3
गाजियाबाद 23
हापुड 5
मुरादाबाद 102
जेपी नगर 192
मेरठ स्टोर सेंटर 85
मोदीनगर 3
मुजफ्फरनगर 213
रामपुर 105
सहारनपुर 460
संभल 1
शामली 83