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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। नगर के आर्य समाज भवन व पट्टी चौधरान में रविवार को यज्ञ किए गए, जहां आचार्य समरभानु ने कहा कि मानव जीवन में शिष्टाचार का महत्वपूर्ण स्थान है।
उन्होंने किहा कि शिष्टाचार एक सामाजिक पद है, जो शिष्ट और आचार शब्दों के योग से बना है। इसका अर्थ सज्जन व्यक्तियों का व्यवहार एवं उत्तम आचरण है। शिष्टाचार का मूल आधार यह है कि मनुष्य अपने व्यवहार से किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं और किसी को दुख न दें। डॉ़ हरपाल सिंह ने कहा कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसलिए परिचित, अपरिचित, मित्र-शत्रु, अमीर-गरीब सभी के प्रति समान भाव रखना हमारा कर्तव्य है। शिष्ट आचरण से मनुष्य संपूर्ण संसार का मित्र बन सकता है। इस मौके पर जसवीर मलिक, प्रेम सिंह राणा, राजेंद्र कुमार आर्य, डॉ़ ओमवीर सिंह, प्रीतम सिंह आर्य, संजीव कुमार, राहुल तोमर आदि उपस्थित रहे।