बागपत। नगर पालिकाओं और पंचायतों के अध्यक्ष के लिए जारी हुए आरक्षण ने दोबारा समीकरण बदल दिए हैं। यहां तीनों नगर पालिका और तीन नगर पंचायतों का आरक्षण बदला है। जिससे बड़ौत में कई के अरमान टूटे हैं तो बागपत में चुनाव लड़ने की तैयारी करने वालों के चेहरे खिले हैं। पूर्व चेयरमैन भी दोबारा से चुनावी जंग में उतर गए हैं।
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बागपत : अब पत्नियों को नहीं, खुद मैदान में उतरने की तैयारी
बागपत नगर पालिका से जहां भाजपा से सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर, युद्धवीर चौहान, अजय चौहान, राजकुमार चौहान, भूपेंद्र चौहान बड़े दावेदार थे, तो रालोद-सपा गठबंधन से पूर्व चेयरमैन राजुद्दीन चुनाव की तैयारी कर रहे थे। लेकिन महिला आरक्षित सीट होने से सभी ने अपनी पत्नियों को मैदान में उतारने की तैयारी कर ली थी। अब दोबारा से अनारक्षित होने पर दावेदार खुद मैदान में उतरने की तैयारी में लग गए। जिससे टिकट को लेकर खींचतान होती दिख रही है।
बड़ौत : पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने से अरमान टूटे
बड़ौत नगर पालिका को पिछड़ा वर्ग की जगह अनारक्षित कर दिया गया था। जिससे वहां सबसे ज्यादा दावेदार आ गए थे। अब यह सीट दोबारा पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने से भाजपा से पूर्व चेयरमैन अमित राणा, वरिष्ठ नेता आनंद चौधरी बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं रालोद से प्रमेंद्र तोमर, विश्वास चौधरी, अरुण तोमर उर्फ बॉबी, अश्वनी तोमर, गौरव तोमर दावेदारी ठोक रहे हैं।
खेकड़ा : महिलाओं के बीच होगी चुनावी जंग
खेकड़ा नगर पालिका को पहले महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया था। लेकिन इस सीट पर ज्यादा असर नहीं पड़ा था और यहां पहले ही पूर्व चेयरमैन संगीता धामा, पूर्व चेयरमैन नीलम धामा, सुधीर धामा की पत्नी रजनी धामा चुनाव की तैयारी कर रहीं थी। अब पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित होने से यहां ज्यादा फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है।
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अमीनगर सराय : हर किसी की पार्टी के टिकट पर नजर
अमीनगर सराय नगर पंचायत को पहले भी अनारक्षित रखा गया था तो अब भी यह अनारक्षित रहेगी। पूर्व चेयरमैन मांगेराम यादव और पूर्व चेयरमैन अनिल मलिक यहां बड़े दावेदार हैं तो राजीव अग्रवाल, अमित बंसल, नाथीराम कश्यप, आदिल मलिक भी ताल ठोक रहे हैं। यहां पार्टियों के टिकट पर हर किसी की नजर टिकी है, क्योंकि यहां ज्यादातर भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
- छपरौली : पुराने ही ठोक रहे दावेदारी
छपरौली नगर पंचायत का आरक्षण पिछड़ा वर्ग से अनारक्षित श्रेणी में किया गया था जो अब भी अनारक्षित ही रखा गया है। इसके बाद भी यहां नए दावेदार सामने नहीं आए है। यहां से धर्मेंद्र खोखर, विक्रम सिंह, सुनेश खोखर, गुलाब मास्टर, वीरेंद्र पहलवान, रणधोल खोखर, योगेंद्र गिंदू पहले से चुनावी ताल ठोक रहे हैं।
- दोघट : यहां दावेदार नहीं खोल रहे पत्ते
दोघट नगर पंचायत का आरक्षण बदलकर पिछड़ा वर्ग महिला से अनारक्षित कर दिया गया था। लेकिन अब इसे दोबारा से पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। यहां कोई भी अपने पत्ते नहीं खोल रहा है।
- टीकरी : पुराने दावेदार फिर मैदान में उतरेंगे
टीकरी नगर पंचायत को महिला आरक्षित कर दिया गया था, जिससे सभी दावेदारों ने अपनी पत्नी को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी की थी। अब यह सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दी गई है, जिससे पुराने दावेदार फिर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। जिनमें पूर्व चेयरमैन सोमपाल राठी, पूर्व विधायक वीरपाल राठी के पारिवारिक सदस्य, उपेंद्र राठी, जितेंद्र राठी, योगेंद्र मुखिया हैं।
- अग्रवाल मंडी टटीरी : दावेदारों का टूट गया चुनाव लड़ने का सपना
अग्रवाल मंडी टटीरी को पहले पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया था। जिससे पूर्व चेयरमैन विनोद कुमार, अंकुर शर्मा, भाकियू के हिम्मत सिंह, मास्टर विकास, अश्वनी, रविंद्र सिंह को झटका लगा था। लेकिन आरक्षण दोबारा होने की बात सामने आने पर सभी को दोबारा से उम्मीद जगी थी। लेकिन इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए सीट आरक्षित हुई तो सभी का चुनाव लड़ने का सपना टूट गया। यहां अभी कोई नया दावेदार सामने नहीं आया है।
- रटौल : पहली बार चुनाव के लिए कई दावेदार
रटौल को गांव से नगर पंचायत बनाने पर पहली बार चुनाव होगा। रटौल नगर पंचायत को अनारक्षित रखा गया है और वहां से कई दावेदार चनाव की तैयारी कर रहे हैं। इनमें अब्दुल वाहिद, जाकिर प्रधान, हाजी मुंतजिर, जुनैद प्रधान, साहिर, रजा हसन, हकीकत बड़े दावेदार माने जा रहे हैं।
- अध्यक्ष के चुनाव के लिए पार्टियों ने दोबारा मांगे आवेदन
बागपत। नगर पालिका व पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए दोबारा आरक्षण जारी होने के बाद राजनीतिक पार्टियों ने भी चुनाव लडऩे के इच्छुक नेताओं से दोबारा आवेदन मांगा है। क्योंकि यहां तीन नगर पालिका व तीन नगर पंचायतों का आरक्षण बदला है। ऐसे में पहले के आरक्षण के अनुसार नेताओं ने आवेदन किया हुआ था। जिसके बाद चुनाव लड़ने के लिए टिकट लेने के लिए नेताओं ने आवेदन शुरू कर दिया है।
- आरक्षण पर जताई आपत्ति, कोर्ट जाने की तैयारी
नगर पालिका व पंचायतों के लिए दोबारा जारी किए गए आरक्षण पर काफी लोगों को आपत्ति है। इसको लेकर ही बड़ौत के डाॅ. अनुराग मित्तल ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पिछले कई बार से लगातार बड़ौत नगर पालिका का अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जा रहा है। जबकि दिसंबर में जारी किए गए आरक्षण में इसे अनारक्षित रखा गया था। अब इसे पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया है जो गलत है। इसको लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आपत्ति पर सुनवाई नहीं होगी तो वह कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।