बड़ौत। भले ही प्रदेश सरकार कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को मूलभूत सुविधाएं दिलाए जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हो, लेकिन सरकार की मंशा पर विद्युत निगम के अफसरों की मनमानी भारी पड़ रही है।
मामला दिगंबर जैन इंटर कॉलेज का हैै। जहां पर विद्युत निगम ने आठ साल बाद ढाई लाख का बिल कॉलेज में भेजकर गर्ल्स विभाग का कनेक्शन काट दिया। कनेक्शन काटे जाने से छात्राएं गर्मी से बेहाल हैं। गर्मी से बचने के लिए कॉपियों व किताबों से हवा करने को मजबूर हैं।
वहीं बिजली काटे जाने से पेयजल टंकी ठप पड़ी हुई है। एसई और अधिशासी अभियंता को पत्र भेजने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बताया कि विद्युत निगम ने बिना पूर्व नोटिस दिए नौ मार्च को कॉलेज में बिना मीटर रीडिंग के ढाई लाख का बकाया बिल भेज दिया। साथ ही कॉलेज के गर्ल्स विभाग का कनेक्शन काट दिया।
कॉपी और किताबों से हवा करनी पड़ रही
गर्मी से छात्राओं का बुरा हाल है, कॉलेज में पेयजल व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है। एक-एक बूंद के लिए छात्राएं तरस रही हैं। कॉपी व किताबें से हवा कर गर्मी भगाने का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार को अत्यधिक गर्मी होने से दो छात्राएं तो बेहोश ही हो गईं।
समस्या का समाधान न होने तक कॉलेज नहीं आएंगी छात्राएं
नाम न छापने की शर्त पर कई अभिभावकों ने तो समस्या का समाधान न होने तक अपनी बेटियों को कॉलेज में भेजने के लिए असहमति जताई है। वहीं प्रधानाचार्य वकील चंद जैन ने बताया कि वर्ष 2015 में काॅलेज के प्रधानाचार्य का पद ग्रहण किया था। तब से मीटर रीडर की तरफ से कोई बिल कालेज को उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद अचानक करीब 2.67 लाख रुपये का बकाया बिल भेजकर कालेज के गर्ल्स विभाग का कनेक्शन काट दिया गया। इस संबंध में कोई नोटिस भी जारी नहीं किया गया।
कोट...
मामला संज्ञान में नहीं है। ऐसा हो सकता है कि सहायक अभियंता ने बिल भेजकर कनेक्शन काट दिया हो, जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। - दुर्गेश कुमार जयसवाल, अधिशासी अभियंता