बागपत। स्क्रूटनी कराने वाले विद्यार्थियों को तब तक संशोधित अंकपत्र नहीं मिलेगा, जब तक वे मूल अंकपत्र वापस नहीं कर देते हैं। इसके लिए निदेशालय के आदेश पर डीआईओएस ने सभी प्रधानाचार्यों को नोटिस भेजकर पुराना अंकपत्र वापस लेने के निर्देश दिए हैं।
जिले में सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी कराने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी कर परिणाम जारी कर दिया था। परिणाम जारी होने से पहले ही माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अंकपत्र जारी कर दिए थे। डीआईओएस कार्यालय से भी सभी विद्यालयों में अंकपत्र भेजे गए थे और फिर वहां से विद्यार्थियों को अंकपत्र दे दिए गए थे ताकि वे स्नातक में दाखिला ले सकें। अब स्क्रूटनी के बाद संशोधित अंकपत्र भी परिषद से आ गए हैं।
सचिव भगवती सिंह ने सभी डीआईओएस को भेजे पत्र में कहा कि संशोधित अंकपत्र विद्यार्थियों को तभी दिया जाएं, जब वे मूल अंकपत्र वापस कर देंगे क्योंकि मूल अंकपत्र का दुरुपयोग होने का खतरा रहता है। सचिव का पत्र मिलने के बाद डीआईओएस राघवेंद्र सिंह ने सभी प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर विद्यार्थियों को मूल अंकपत्र लेने के बाद ही संशोधित अंकपत्र देने के निर्देश दिए हैं।
बताया कि अभी तक मूल अंकपत्र वापस नहीं लिया जाता था, लेकिन पहली बार नियम में बदलाव किया है।