रटौल। पूर्वी यमुना नहर में पिछले एक माह से सूखी पड़ी है। नहर में पानी न आने से किसानों की फसल सूख रही है। किसानों का कहना है कि कई बार मांग करने के बाद भी नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। किसानों ने नहर में पानी छोड़ने की मांग की है।
किसानों का कहना है कि क्षेत्र के रटौल, मुबारिकपुर, विनयपुर, डगरपुर, तिगरी, नंगला गांव के किसान पूर्वी युमना नहर से फसलों की सिंचाई करने पर निर्भर हैं। नहर में एक माह से पानी न आने से किसानों की फसलें सूख रही हैं। गर्मी में सिंचाई न होने से बागवानों की भी चिंता बढ़ रही है। सिंचाई न होने से आम व आड़ू टूटकर गिर रहे हैं। किसानों को महंगे दाम पर नलकूपों से सिंचाई करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
-एक महीने से नहर में पानी नही आ रहा है। बागानों की सिंचाई नहीं होने से कच्चे आम टूटकर गिर रहे हैं। जिससे बागवानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। -मेहराजुद्दीन मुबारिकपुर
-गर्मी में नहर में पानी न आने से फसलें सूख रही हैं। किसानों को नलकूपों से महंगे दाम पर सिंचाई कराने के लिए विवश होना पड़ रहा है। नहर में जल्द पानी छोड़ा जाना चाहिए। -इरशाद रटौल
-नहर में पानी नहीं आने से हरे चारे के लिए पलेवा में देरी हो रही है। सिंचाई के बिना ज्वर और सब्जी की फसल सूखने के कगार पर है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -याजीद विनयपुर