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अफसर नहीं दे रहे ट्रैक्टर व कृषि यंत्र खरीदने की अनुमति, योजना हुई धड़ाम

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कृषि विभाग से संचालित फार्म मशीनरी बैंक योजना में 15 लाख रुपये खर्च कर मिलना था 12 लाख रुपये का अनुदान
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आवेदन करने वाली ग्राम पंचायतों को नहीं मिली बजट खर्च करने की अनुमति, चार ग्राम पंचायतों के पांच-पांच हजार रुपये के टोकन भी हुए बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कृषि विभाग से संचालित फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत ग्राम पंचायतों को 15 लाख रुपये खर्च कर ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्र खरीदने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। जिससे योजना धड़ाम होती नजर आ रही है। ग्राम पंचायत में बजट नहीं होने और अनुमति नहीं मिलने के कारण चार ग्राम पंचायतों के टोकन बर्बाद हो रहे हैं।
कृषि विभाग से संचालित फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत पराली प्रबंधक व यंत्रों पर 80 फीसदी सब्सिडी दी जानी है। जिसमें 15 लाख रुपये के ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्र खरीदने पर शासन से 12 लाख रुपये अनुदान दिया जाना है। इसके लिए सामान्य वर्ग में नौ ग्राम पंचायतों को अनुदान देने के लक्ष्य के सापेक्ष 29 ग्राम पंचायतों व दो एफपीओ समितियों ने आवेदन किया।
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जिसमें सात ग्राम पंचायतों व दो एफपीओ समितियों का चयन किया गया। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति वर्ग में छह ग्राम पंचायतों के लक्ष्य के सापेक्ष चार ने आवेदन किया और पांच-पांच हजार रुपये की टोकन राशि जमा कर दी। अभी तक कोई भी ग्राम पंचायत योजना के पोर्टल पर बिल अपलोड नहीं कर सकी है। जिससे उन्हें 12 लाख रुपये का अनुदान मिल सके। इसके चलते योजना अभी तक एक भी कदम आगे नहीं बढ़ पाई है।
आठ पंचायतों ने पांच-पांच हजार जमा करके लिया टोकन
सामान्य वर्ग में चयनित सात ग्राम पंचायतों में से ढिकाना, चमरावल व सुल्तानपुर हटाना ने टोकन राशि नहीं जमा की, जबकि लुहारी, रंछाड़, चौबली, तुगाना ग्राम पंचायत ने पांच-पांच हजार रुपये जमा कर टोकन लिया। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति वर्ग की पंचायतों में पूठड़, फैजपुर निनाना, घटौली व हिसावदा ग्राम पंचायत ने पांच-पांच हजार रुपये जमा कर टोकन लिया, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई।
ये है प्रक्रिया
फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत ट्रैक्टर व कृषि यंत्र खरीदने में ग्राम पंचायतों, सहकारी समितियों व गन्ना समितियों को 80 फीसदी अनुदान दिया जाना है। जिसमें टोकन जमा होने के 45 दिन के अंदर 15 लाख रुपये खर्च कर ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्र खरीदकर पोर्टल पर बिल अपलोड किए जाने हैं। इसके बाद 12 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा।
डीपीआरओ से अनुमति नहीं मिली
कृषि विभाग से संचालित योजना के तहत ट्रैक्टर व कृषि यंत्र खरीदने के लिए आवेदन किया था। जिसकी गाइडलाइन के अनुसार दस लाख से अधिक बजट खर्च करने के लिए डीपीआरओ से अनुमति मांगी गई, लेकिन बजट खर्च करने की अनुमति नहीं मिली। ट्रैक्टर व यंत्र खरीदने के लिए कोई शासनादेश भी कृषि विभाग से ग्राम पंचायत को नहीं दिया गया। न ही ट्रैक्टर व यंत्र खरीदने का कार्य पंचायत की कार्ययोजना में शामिल था।-नीटू, ग्राम प्रधान तुगाना
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वर्जन
ग्राम पंचायत के बजट से 15 लाख रुपये खर्च कर ट्रैक्टर व अन्य कृषि यंत्र खरीदने वाली ग्राम पंचायतों के बिल पोर्टल पर अपलोड किए जाने के बाद 12 लाख रुपये अनुदान दिया जाना है। जिसमें कुछ ग्राम पंचायतों ने टोकन ही नहीं लिये, जबकि कुछ ने टोकन ले लिया है, जबकि उनके बिल अभी तक अपलोड नहीं किए गए। निर्धारित समयावधि में बिल अपलो़ नहीं होने पर टोकन निरस्त हो जाएगा।-संदीप कुमार, अवर अभियंता, कृषि विभाग
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