बागपत। गन्ना विभाग की ओर से पर्ची गलत दर्ज होने से गन्ने की छिलाई प्रभावित हो रही है। क्रय केंद्रों पर गन्ना कम पहुंचने के कारण मिलों में पेराई कम हो रही है। किसान पर्ची ठीक कराने के लिए गन्ना विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
चार नवंबर को बागपत और रमाला मिल का पेराई सत्र शुरू हो गया है। मिल की ओर से किसानों की पर्ची जारी कर छह नवंबर से क्रय केंद्रों पर तौल शुरू करा दी है और नौ नवंबर से पूरी क्षमता से मिलों में पेराई शुरू करने की तैयारी की गई थी, मगर क्रय केंद्रों पर गन्ना कम पहुंच रहा है। किसानों का कहना है कि मिल की ओर से पर्ची गलत जारी होने के कारण गन्ने की छिलाई प्रभावित हो रही है। किसान पर्ची ठीक कराने के लिए गन्ना कार्यालय के चक्कर लगा रहे है। किसानों का कहना है कि मिल ओर से पेडी की पर्ची पौध में लगा दी है, जिससे गन्ने की छिलाई प्रभावित हो रही है। समय से गन्ने की छिलाई न होने से गेहूं की फसल की बुआई भी प्रभावित होगी।
लगाने पड़ रहे गन्ना कार्यालय के चक्कर
- गन्ना विभाग की ओर से जारी की गई पर्ची में गड़बड़ी है। किसी बांड पर कम और किसी बांड पर पेडी की पर्ची पौध में लगा दी है, जिससे गन्ने की छिलाई प्रभावित हो रही है। - यशवीर सिंह
- मिल शुरू होने पर क्रय केंद्रों पर पहले दस से 15 दिन तक गन्ने की तौल की जाती थी, मगर इस बार चार नवंबर को जारी की गई पर्ची की तौल नहीं की जा रही है, जिससे किसानों को परेशानी हो रही है। -जयप्रकाश, बली
- गन्ना विभाग ने उनका बांड शून्य कर दिया है, जिससे उनकी पर्ची जारी नहीं हो रही है। बांड ठीक कराने के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए विवश है।- कुलदीप मीतली
- कंलेडर में पेड़ी की पर्ची बोर्ड में लगा दी है, जिससे गन्ने की छिलाई शुरू नहीं हो पाई है। समय पर गन्ने की तौल ने होने पर गेहूं की बुआई प्रभावित होगी। - संजीव कुमार क्यामपुर
गन्ना अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्यालय में आने वाले किसानों की समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए गए है। किसानों की समस्या का समाधान कराने के लिए लिए डाटा ठीक कराया जा रहा है। - अनिल कुमार भारती, जिला गन्ना अधिकारी
मितली गांव निवासी किसान कुलदीप- फोटो : BAGHPAT
बली गांव निवासी यशवीर सिंह- फोटो : BAGHPAT
क्यामपुर गांव निवासी संजीव कुमार- फोटो : BAGHPAT