अंकों का फर्जीवाड़ा कर सहायक प्रवक्ता बना डॉ.गोविंद बाबू
बड़ौत (बागपत)। जेल में बंद दिगंबर जैन कालेज बड़ौत के बर्खास्त सहायक प्रवक्ता डा. गोविंद बाबू के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें उस पर शैक्षिक अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर नौकरी पाने का आरोप लगा है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर कोतवाली में कॉलेज के संयुक्त सचिव की तहरीर पर यह कार्रवाई हुई है।
दिगंबर जैन कालेज, बड़ौत की प्रबंध समिति के संयुक्त सचिव डीके जैन ने मुकदमा दर्ज कराया कि शासन के अपर मुख्य सचिव के 26 जून 2020 आदेश में डा. गोविंद बाबू, सहायक प्रवक्ता अर्थशास्त्र विभाग के शैक्षणिक अभिलेखों को सत्यापन के लिए डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा को भेजा गया था। डीके जैन ने बताया कि उन्हें यह पता चला है कि डॉ. गोविंद बाबू की बीए द्वितीय वर्ष के अंक पत्र वर्ष 1993 में उल्लेखित सामान्य अंग्रेजी विषय में प्राप्तांक 72 अंकित हैं, जबकि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के अनुरक्षित अभिलेखों में उनके इस विषय में प्राप्तांक 27 हैं, इसलिए गोविंद बाबू ने फर्जी अभिलेखों के आधार पर उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा सेवा आयोग से सहायक प्रवक्ता के रूप में चयन प्राप्त किया है। इस संबंध में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने 20 मई 2022 को निर्देश दिए हैं कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
कॉलेज के प्राचार्य वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें कार्रवाई के लिए आदेश मिला था। जिस पर 23 मई को ही थाने में तहरीर दे दी गई थी। जिस पर अब मुकदमा दर्ज हुआ है। सीओ युवराज ने बताया कि डीके जैन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है, विवेचना की जाएगी।