गम में डूबा डौला, चंद सेकेंड में उजड़ गया फतेह का परिवार
बालैनी/अमीनगर सराय (बागपत)। फतेह मोहम्मद का परिवार खुशी-खुशी सिवालखास से बच्चों को लेकर अपने घर डौला के लिए चला था। लेकिन बालैनी के टोल प्लाजा के निकट एक कैंटर ने पूरे परिवार को रोंद डाला। चंद सेकेंड में ही पूरा परिवार उजड़ गया। गांव डौला सूचना पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से डौला गम में डूब गया। लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
जरा सी लापरवाही और जल्दबाजी ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। फतेह को खेत से भिंडी मंडी में भेजनी थी और इसी जल्दबाजी में वह शाम को ही ससुराल सिवालखास से सभी को बाइक पर लेकर डौला लौट रहा था। बालैनी टोल प्लाजा के पास हादसे मेें पूरा परिवार ही खत्म हो गया। फतेह के परिवार में सिर्फ आठ साल की मासूम फरहा ही बची है, जिसे फतेह घर छोड़कर गया था। फरहा तो बेसब्री से अपने मां और पिता के घर आने का इंतजार कर रही थी। फतेह की बूढ़ी मां शम्मो भी अपने बहू, बेटे की राह देख रही थर। लेकिन शाम को फतेह और उसके परिवार की हादसे में मौत की खबर आई तो कोहराम मच गया। फतेह मोहम्मद के तीन अन्य भाई यूनुस, यूसुफ, शाहरुख और गांव के लोग दुर्घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से गांव डौला में मातम छा गया।
- ठेके पर खेती करता था फतेह
फतेह अपने भाइयों में सबसे बड़ा था और उसके तीन अन्य भाई मिलकर ठेके पर जमीन लेकर खेती करते थे और उससे ही परिवार का गुजारा होता था। अभी उन्होंने करीब 15 बीघा जमीन ठेके पर लेकर भिंडी की फसल उगाई हुई है। गांव से रोजाना कैंटर में भिंडी मंडी में जाती थी। बताया गया कि भिंडी मंडी में पहुंचनी थी, इसलिए ही फतेह मोहम्मद अपनी ससुराल सिवालखास से शाम को ही वापस चला था।
फतेह ने ही संभाला था परिवार
फतेह मोहम्मद के पिता लियाकत की करीब बीस साल पहले मौत हो गई थी। उसके बाद फतेह मोहम्मद ने ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी। जब तक भाई बड़े हुए, तब तक फतेह मोहम्मद ही खेती करके परिवार का गुजारा करता था।
- कैंटर चालक गिरफ्तार
पुलिस ने कैंटर को कब्जे में लेकर हादसे के आरोपी कैंटर चालक इरशाद निवासी सदर बाजार मेरठ को गिरफ्तार कर लिया है।
बागपत : डौला गांव में शव पहुंचने के बाद विलाप करते परिजन।- फोटो : BAGHPAT
बागपत : बालैनी के देव भूमि नर्सिंगहोम के बाहर लगी लोगों की भीड़।- फोटो : BAGHPAT