-कई साल पहले आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खरीदे गए थे बर्तन, अब दोबारा बर्तन खरीदे जाने पर प्रधानों ने जताई आपत्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुछ साल पहले खरीदे गए बर्तनों का पता नहीं, जिनकी दोबारा खरीददारी पर अब फिर से लाखों रुपये खर्च किये जाएंगे। एक दिसंबर से पहले बर्तन खरीदने के आदेश जारी होने पर ग्राम प्रधान विरोध में उतर गए हैं। उन्होंने अधिकारियों के पास पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराई और पहले खरीदे गये बर्तनों का हिसाब लेने की बात कही।
जिले में संचालित 1338 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक दिसंबर से हॉट कुक्ड योजना शुरू हो रही है। जहां आने वाले बच्चों के लिए एक आंगनबाड़ी केंद्र पर 25 थाली, 25 गिलास, 25 कटौरी, 25 चम्मम, दो बाल्टी दस लीटर वाली, दो चमचे समेत अन्य बर्तन खरीदने के निर्देश ग्राम पंचायतों को दिये गए हैं। इस पर ग्राम पंचायतों का लाखों रुपये बजट खर्च होगा। बर्तन खरीदने के निर्देश जारी होते ही ग्राम प्रधान विरोध में उतर गए। प्रधानों की मानें तो पिछले कार्यकाल में भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बर्तन खरीदकर दिये गये थे, जिनका कुछ पता नहीं है और न ही अधिकारियों ने उनका कोई हिसाब लिया। इसको लेकर प्रधानों ने उच्चाधिकारियों से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहले दिये गये बर्तनों का हिसाब लेने की मांग की।
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बर्तनों के लिए बजट ही नहीं बचा
ग्राम पंचायत में छह महीने बाद 80 हजार रुपये किस्त भेजी गई थी। इसमें से 72 हजार रुपये सामुदायिक शौचालय के केयर टेकर का मानदेय दे दिया गया। अब ग्राम पंचायत के पास बर्तन खरीदने के लिए बजट नहीं बचा। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में पहले बर्तन रखे हुए हैं। आशीष शर्मा, प्रधान खेड़की।
पहले खरीदे गये बर्तनों का हिसाब भी लिया जाए
आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पिछली योजना में बर्तन खरीदे गये थे, जिनका अब कुछ पता नहीं है। अधिकारी नए बर्तन खरीदवाने से पहले पुराने बर्तनों का हिसाब लें और उसके बाद बाकि बर्तन ही खरीदे जाएं। ग्राम पंचायत को मिले बजट से विकास कार्य भी पूर्ण नहीं हो पा रहे। हसरत प्रधान निवाड़ा
वर्जन-आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक्ड़ योजना शुरू होने वाली है। इसके लिए प्रमुख सचिव ने सभी केद्रों पर बर्तनों की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। एक दिसंबर से पहले सभी केंद्रों पर बर्तनों की व्यवस्था करा दी जाएगी। विपिन मैत्रेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी।