बागपत। गांगनौली गांव के खूनी कांड के पीड़ित युवक पंकज शुक्रवार को अपने परिजनों के साथ एसपी दफ्तर पहुंचा। उसका कहना है कि उनको गांव में किराए पर गाड़ी भी नहीं मिलती है। केस की पैरवी के लिए न्यायालय आना पड़ता है। उसने अफसरों से पीएसी की गाड़ी मुहैय्या कराने की मांग की है।
गांगनौली गांव में 10 अक्टूबर को खून खराबा हुआ था। इसमें महिला सविता, उनकी बेटी प्रीति, पिता मांगेराम और उनकी सुरक्षा में लगे दो पुलिसवालों की हत्या हुई थी। पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार कर केस का खुलासा कर दिया था। सविता का बेटा पंकज, अपने पिता रामफल और मामा संजीव के साथ सुरक्षा के लिए एसपी दफ्तर पर पहुंचा। पंकज ने कहा कि उनके मकान पर सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त पुलिस-पीएसी तैनात है।
केस की पैरवी के संबंध में बागपत कोर्ट आना पड़ता है। इसके लिए उनको कार की आवश्यकता होती है। अपराधियों के भय से उनके साथ कोई गाड़ी लेकर चलने के लिए तैयार नहीं होता है। उनको किराए पर भी कार या अन्य वाहन नहीं मिलते हैं। उनको बाइक या अन्य वाहनों से सफर करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उनको अपनी जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने अफसरों से मांग की है कि उनको पीएसी की गाड़ी मुहैय्या कराई जाए। ताकि पीएसी के जवान उनको अपने साथ लेकर आए और साथ ही लेकर जाए। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय का कहना है कि पंकज के परिवार ने पीएसी की गाड़ी की मांग की है। उनकी सुरक्षा के इंतजाम कराए जाएंगे।
राजेंद्र बोले, खेत में साथ नहीं जाते पीएसी के जवान
बागपत। गांगनौली गांव के किसान राजेंद्र सिंह भी शुक्रवार को अपने बेटे के साथ एसपी दफ्तर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके घर पर पीएसी तैनात है। लेकिन उनके साथ खेत में जाने के लिए पीएसी के जवान तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में प्रमोद गैंग उनकी खेत में हत्या कर सकता है। प्रमोद गैंग उनके बेटे संजीव उर्फ संजू, पप्पू भतीजे प्रवीण, भाई रामवीर और भाभी सरोज की हत्या कर चुके हैं।