बागपत के बड़ौत में तालाब और कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध निर्माण न रोकने पर लोगों ने सोमवार को कलक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। बसपा विधायक लोकेश दीक्षित के नेतृत्व में महिलाओं ने चूड़ियां देने का प्रयास किया। इसे लेकर विधायक एवं एसपी की जमकर नोकझोंक भी हुई। मामला बढ़ता देख एसपी ने तुरंत एएसपी को मौके पर निरीक्षण करने के आदेश दिए। तभी जाकर मामला शांत हुआ।
सोमवार विधायक लोकेश दीक्षित बड़ौत के लोगों के साथ पहले डीएम को चूड़ियां भेंट करने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम के न मिलने पर उन्होंने एसडीएम राकेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंप दिया। इसके बाद लोगों को लेकर वे एसपी कार्यालय पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एसपी से अवैध निर्माण न रुकवाए जाने को लेकर जवाब मांगा। उनके साथ पहुंची महिलाओं ने एसपी को चूड़ियां देने का प्रयास किया। जिस पर एसपी भड़क उठे।
उनकी विधायक से जमकर नोकझोंक हुई। विधायक लोकेश दीक्षित द्वारा आमरण अनशन की चेतावनी तक दे दी। लोग भी नारेबाजी करने लगे। विधायक का कहना था कि 70 बीघा तालाब, कब्रिस्तान और माता के थान की भूमि पर अधिकारियों से मिल कर कुछ लोग अवैध कब्जा कर रहे हैं। जमीन में पूरी कॉलोनी बसा दी है।
कई बार शिकायत करने के बावजूद अफसर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बड़ौत पुलिस आरोपियों के दबाव में है। आरोपी रात में जमीन में निर्माण करते है। एसपी रवि शंकर छवि ने तुरंत एएसपी को पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी का कहना था कि इस मामले में हाईकोर्ट का भी आदेश आया हुआ है। आदेश का पालन करते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
एएसपी ने किया भूमि का निरीक्षण
बड़ौत। विधायक लोकेश दीक्षित की शिकायत पर सोमवार की शाम एएसपी विद्या सागर मिश्र, सीओ सीपी सिंह, एसडीएम यशवर्धन सिंह, तहसीलदार राजबहादुर कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की। वहां मौजूद भू-स्वामियों ने अपने अभिलेख और न्यायालय के आदेश दिखाए और कहा कि यहां कोई अवैध कब्जा नहीं हो रहा है।
एसपी ने कब्रिस्तान बताने वाले यासीन से दस्तावेज दिखाने को कहा तो वह कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका। इस पर एएसपी ने उसे फटकार लगाते हुए मंगलवार को अपने कागजात दिखाने के निर्देश दिए। एएसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि अवैध कब्जे का मामला स्पष्ट नहीं है। कोर्ट के आदेश और भू-स्वामियों और शिकायतकर्ता से मिले कागजात की जांच की जाएगी। अभी अवैध कब्जे की पुष्टि नहीं हुई है।