उसके पास अब एक नोटिस पहुंचा कि वह अपने पिता की जमीन में हिस्सेदार नहीं है और उसका नाम खतौनी से हटा दिया है। यह देखकर रेनू अपने पति संदीप के साथ बड़ौत तहसील में पहुंची। जहां उसे बताया गया कि रेनू की एक साल पहले मौत हो चुकी है। इसलिए उसका नाम हटाया है। अपनी ही मौत के बारे में सुनकर रेनू चौंक गई। उसने कहा कि वह जिंदा है। इसके बाद भी उसकी बात नहीं सुनी गई।
डीएम ने जिम्मेदारों को लगाई फटकार, एसडीएम को सौंपी जांच
रेनू शर्मा की पूरी बात सुनकर डीएम ने गांव के पटवारी को फोन करके फटकार लगाई। डीएम ने बताया कि इस मामले में एसडीएम बड़ौत को जांच करने के लिए कहा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर रिकार्ड को ठीक किया जाएगा और इसमें जिसकी भी लापरवाही मिलती है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।