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Baghpat News: भगत सिंह के कंधे की शान रही बंदूक की डीएम ने सफाई कराई

Sat, 25 Mar 2023 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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बागपत। शहीद भगत सिंह ने काउंसिल हाउस (अब संसद भवन) में बम फेंकने से पहले जिस बंदूक का इस्तेमाल किया था। उस बंदूक के बागपत थाने के मालखाने में जमा होने का पता चलने पर डीएम राजकमल यादव स्वयं वहां पहुंच गए। डीएम ने थाने के मालखाने से बंदूक को निकलवाकर सफाई कराई।
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सिसाना गांव के स्वतंत्रता सेनानी लाला विमल प्रसाद जैन के पिता सुल्तान सिंह के 18 गांवों के जमींदार होने के कारण अमेरिका से दोनाली बंदूक मंगवाई थी। विमल प्रसाद जैन के घर ही भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय संसद में बम फेंकने की योजना बनाई थी। यहां से दिल्ली बम लेकर जाते हुए भगत सिंह उस बंदूक को सुरक्षा के लिहाज से साथ लेकर गए थे। संसद में घुसने से पहले बंदूक को विमल प्रसाद जैन को वापस देकर गए थे। वह बंदूक आजादी के बाद विमल प्रसाद जैन के भाई जगदीश प्रसाद जैन के नाम हो गई थी और वर्ष 2011 में उनके निधन के बाद से बागपत थाने के मालखाने में रखी है।
- डीएम ने कार्यालय में बुलवाए परिजन, इतिहासकार भी मौजूद रहे

थाने में इस बंदूक का पता चलने पर डीएम राजकमल यादव ने जगदीश प्रसाद जैन के बेटे जिवेंद्र जैन और इतिहासकार डाॅ. अमित राय जैन से संपर्क किया। उन सभी को कलक्ट्रेट अपने कार्यालय में बुलवाया गया और वहां जगदीश प्रसाद जैन के नाम जारी हुआ शस्त्र लाइसेंस देखा गया। इसके साथ ही डीएम ने शस्त्र लिपिक को निर्देश दिए कि वह जल्द ही विरासत में शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए फाइल पूरी कराए। जिसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
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डीएम ने खुद थाने में पहुंचकर भगत सिंह के कंधे की शान बनी बंदूक को देखा और उसकी सफाई भी कराई। डीएम ने कहा कि जगदीश प्रसाद जैन के कई परिजनों पर कई साल पहले कुछ विवाद के कारण मामला दर्ज कराया गया था। इस कारण परिवार के लोग यह तय कर रहे हैं कि बंदूक किसके नाम करानी है। जिसके नाम की फाइल शुरू कराकर लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा और थाने से बंदूक उनको सौंप दी जाएगी।
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