- जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के लगातार कार्रवाई से मचा अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप
- गांवों में खुद दौड़ लगाकर लोगों की समस्याओं का निस्तारण कर रहे, विरासत में नाम दर्ज करने पर ज्यादा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनता दर्शन के दौरान आने वाली शिकायतों का निस्तारण किस तरह से किया जा रहा है, इसका जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह खुद फोन करके फीडबैक लेंगे। अगर किसी ने शिकायत का सही निस्तारण नहीं किया होगा। ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पिछले कई दिनों से जिस तरह समस्याओं का समाधान नहीं होने पर सरकारी कार्यालयों का चक्कर काटने के कारण अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई की। उससे सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मियों में हडक़ंप मचा हुआ है। हालात यह है कि अधिकारी व कर्मचारी गांवों में लोगों के बीच जाकर सालों से लंबित पड़े मामलों को निपटाने में जुट गए है।
क्योंकि जिलाधिकारी ने विरासत के नाम दर्ज नहीं करने पर एक लेखपाल को सस्पेंड करने के साथ ही कई को चार्जशीट किया है और जिला कृषि अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टी देने के साथ ही एसडीएम से जवाब तलब किया है। जिलाधिकारी ने अब अधिकारियों को समस्याओं का निस्तारण नहीं करने पर वेतन रोकने की चेतावनी दे डाली है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गांवों में जितने कर्मचारी तैनात है, वह लोगों के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करे। इस तरह का अभियान डोर-टू-डोर चलाए जाने पर शिकायत काफी कम हो जाएगी और लोगों को अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।