तमाम तैयारियों के बाद भी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा ने भाजपा में शामिल होने से हाथ खींच लिए हैं। दिल्ली में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह से मुलाकात के बाद धामा ने पार्टी छोड़ने का फैसला बदल दिया। खास बात यह है कि उन्हें टिकट का आश्वासन नहीं दिया है। समर्थकों के बीच बागपत पहुंचकर उन्होंने इस बात का खुद ही ऐलान भी किया।
जिला पंचायत की सियासत से पहचान बनाने वाले योगेश धामा ने 30 अगस्त को समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर ली थी। उनके समर्थकों तक बात फैल चुकी थी, लेकिन रविवार को सियासत का रंग फिर बदला।
योगेश धामा एकाएक रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह से मुलाकात करने दिल्ली पहुंच गए। कुछ देर की बातचीत से ही योगेश धामा ने रालोद में ही आस्था जताई और साफ कर दिया कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे।
दिलचस्प बात यह है कि जिस टिकट की लड़ाई के लिए वह पार्टी छोड़ रहे थे, सूत्रों की मानें तो उन्हें टिकट का भी कोई आश्वासन नहीं दिया गया है। खुद बागपत में समर्थकों के बीच पहुंचकर योगेश धामा ने इसकी पुष्टि कर कहा अगर छोटे चौधरी चुनाव लड़ाएंगे तो लडूंगा, नहीं लड़ाएंगे तो नहीं लडूंगा।
आप में शामिल होने की भी रही चर्चा ः बागपत। भाजपा से पहले रालोद नेता योगेश धामा के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की चर्चाएं भी उड़ गई थी। असलियत में अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने बधाई के होर्डिंग लगवा दिए थे।
इस पर चर्चा फैल गई कि वह आप में जा रहे हैं, जबकि बाद में उन्होंने खुद ही इस तरह की खबरों से किनारा कर लिया था। तब भी उन्होंने कहा था कि वह रालोद के ही सिपाही हैं।
क्या बोले योगेश धामा?
दिल्ली में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह से मुलाकात हुई है। अब मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है। गिले-शिकवे दूर हो गए हैं, इसलिए रालोद छोडने का सवाल ही नहीं उठता।
धामा बोले, टिकट नहीं सम्मान मांगा
बागपत। दिल्ली में रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह से मुलाकात के बाद पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा सीधे समर्थकों के बीच पहुंचे। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने विचार रखें। एलान भी किया कि राजनीति के हर फैसले में वह योगेश धामा के साथ हैं।
धामा कहा रालोद में ही रहेंगे। उन्होंने चौधरी अजित सिंह से टिकट नहीं, केवल मान-सम्मान की मांग की है। रविवार को दिल्ली रोड स्थित ग्रीन गार्डन में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष योगेश धामा के समर्थन में जिले के विभिन्न हिस्सों से समर्थक जमा हुए। मुख्य लोगों ने विचार रखे। वक्ताओं ने धामा के समर्थन की बात कही।
यह भी कहा राजनीति के फैसलों में वह उनके साथ हैं। करीब तीन घंटे तक धामा के समर्थक यहां जुटे रहे। योगेश धामा ने दिल्ली में चौधरी अजित सिंह से हुई मुलाकात का ब्योरा समर्थकों को दिया। उन्होंने कहा उन्होंने चौधरी अजित सिंह से टिकट नहीं केवल मान-सम्मान की मांग की है। पुराने गिले शिकवे दूर हो गए हैं। वह रालोद के सच्चे सिपाही हैं।
इस पंचायत की अध्यक्षता महा सिंह काठा ने की। संचालन नीरज ढाका ने किया। इसमें गन्ना समिति के चेयरमैन कृष्णपाल चौधरी, हेम सिंह प्रधान ढिकौली, जय कुमार, बिल्लू प्रधान काठा, भोपाल सिंह ढिकौली, राम मेहर सांकल पुट्ठी, जल सिंह, ब्रहमपाल मवी कलां, मनवीर सांकरौद, जय कुमार सुन्हेड़ा, साहब सिंह बसी, मास्टर कृष्ण सांकल पुट्ठी, ब्रजपाल, प्रवीन प्रधान बंदपुर, रिटायर बैंक प्रबंधक महेश तनेजा आदि रहे।