हरिद्वार से गंगाजल लेकर गंतव्य तक पहुंचने वाले शिवभक्तों का जोश देखने लायक है। कोई पोते की मुराद तो कोई बेटा होने और माता-पिता की दीर्घायु के लिए कांवड़ ला रहा है।
हरिद्वार से कावंड़ लेकर बड़ौत पहुंचे झज्जर हरियाणा के 8 वर्षीय अनमोल बिल्कुल भी थकान महसूस नहीं कर रहा है। उसने कहा कि वह पहली बार अपने माता-पिता की दीर्घायु के लिए कांवड़ लाया है। दिल्ली निवासी प्रेमकौर 12 वर्ष से कांवड़ ला रही है। उसको छह पोतियां हैं, पोता नहीं हुआ है।
पोते की प्राप्ति के लिए वह कांवड़ लेकर आ रही है। बहालगढ़ हरियाणा की शकुंतला का कहना है कि वह शिव भगवान की भक्त है और घर में सुख-शांति के लिए कांवड़ लाई है। हरियाणा के पुडसोनी गांव के संतोषपाल का कहना है कि शिव भगवान की उन पर कृपा रहे, इसलिए वह कांवड़ लाया है।
जैसे-जैसे शिवरात्रि का समय नजदीक आता जा रहा है, हरिद्वार से गंगाजल व कांवड़ लेकर आने वाले हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली के शिवभक्तों का सैलाब बढ़ता जा रहा है। बिजरौल रोड पर शिवभक्तों के लिए श्रद्धालुओं द्वारा शिविर लगाये गये हैं।
श्रीराम चरित मानस के सौजन्य से शिव कांवड़ शिविर में विनोद पंवार, योगेंद्र मलिक, ब्रह्म सिंह, देवेंद्र कुमार, शिवभक्तों की सेवा में जुटे हैं। वहीं, पंचवटी मंदिर पर लगाये गये शिविर में कल्लू पंसारी व उनके सहयोगी शिवभक्तों की सेवा में जुटे हैं। ठाकुरद्वारे, पंचमुखी मंदिर, बड़ौली रोड व दिल्ली रोड पर भी रौनक रही।