बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी। रमजान मुबारक माह के दूसरे जुमे को अकीकतमंदों ने मस्जिदों में जुमे की नमाज अता की। नमाज के बाद देश में अमन चैन के लिए दुआ की गई। मौलानाओं ने रोजेदारों से नमाज के साथ तरावीह पढ़ने का आह्वान किया।
रमजान के दूसरे जुमे को नगर और देहात की मस्जिदों में जुमे की नमाज हुई। बागपत की छत्ता मस्जिद, बड़ी मस्जिद और जामा मस्जिद, मोमीन मस्जिद, तकिए वाली मस्जिद, फूस वाली मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की गई। अकीदतमंदों ने देश में अमन और चैन व तरक्की के लिए दुआ मांगी। अग्रवाल मंडी टटीरी की देशवाल पट्टी स्थित मस्जिद के इमाम मौलाना हाजी जहीर अहमद ने नवाज से पूर्व तकरीर करते हुए कहा कि रोजे में हमें छह बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने रमजान में आंखों से गलत नहीं देखना, जुबान से किसी की चुगली या गाली-गलौज से बचना, चुगली सुनने, पैरों के कदम गलत काम के लिए नहीं उठने चाहिए और हराम की चीज से रोजा नहीं खोलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रोजे की नीयत न हो तो रोजा नहीं रखना चाहिए। रोजा रखने के लिए रोजे की नीयत जरूरी है। रोजे में बीमार होने पर इंजेक्शन लगवाया जा सकता हैै, खून टेस्ट करा सकते हैं और ज्यादा बीमार होने पर ग्लूकोज चढ़ाया जा सकता है। रोजे में रोजेदार किसी की जान बचाने के लिए खून भी दे सकता है, ऐसा करने से रोजा नहीं टूटता है। उसके बाद जुमे की दो रकात नमाज अदा कराई। नमाज के बाद देश में अमन, चैन, भाईचारा व तरक्की की दुआ कराई गई। उधर कस्बे की बाजार वाली मस्जिद में मौलाना मोहसिन ने रोजेदारों को रोजे व नवाज के साथ-साथ तरावीह पढ़ने का आह्वान किया।