बड़ौत। जैन मंदिरों में दशलक्षण पर्व के छठे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने उत्तम संयम धर्म को धारण कर भक्तिभाव से धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मनाया। सुबह से ही मंदिर में धूप खेने वालों का तांता लगा रहा।
मुनि विशुभ्र सागर महाराज एवं मुनि विश्वार्क सागर महाराज के सानिध्य में चल रहे दशलक्षण पर्व के छठे दिन धूप दशमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। जैन श्रद्धालुओं ने भगवान को धूप समर्पित की। नगर के अजितनाथ सभागार में श्री चौसठ रिद्धि विधान का आयोजन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान अजितनाथ की प्रतिमा का गर्म प्रासुक जल से अभिषेक किया।
शांति धारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र राजेश जैन व पारस जैन को प्राप्त हुआ। देव शास्त्र गुरु, 20 तीर्थंकर एवं अनंतानंत सिद्ध परमेष्ठी भगवान के पूजन के साथ सौधर्म इंद्र राजेश जैन ने मंडल पर 128 अर्घ्य अर्पित किए। विधानाचार्य पंडित राजकिंग ने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में संयम धारण करने का आह्वान किया। सभा में सुभाष जैन, मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, राकेश जैन, सुधीर जैन, मनोज जैन, हंस कुमार मौजूद रहे।
नंदीश्वर विधान का भव्य आयोजन
बड़ौत। नेहरू रोड स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में नंदीश्वर विधान का भव्य आयोजन किया। सबसे पहले सौधर्म पवन जैन आशीष जैन ने भगवान पारसनाथ को पांडुशिला पर विराजमान किया और सौधर्म इंद्र ने श्रीजी का अभिषेक किया। ईशान इंद्र भोपाल सिंह अमित जैन एवं कार्यक्रम में शामिल सभी इंद्रों ने सामूहिक रूप से पारसनाथ भगवान, शांतिनाथ भगवान और आदिनाथ भगवान का अभिषेक किया। उसके बाद सौधर्म इंद्र और ईशान इंद्र अमन जैन संजीव जैन ने शांति धारा की। पंडित नेम चंद जैन ने पूजा कराई। धूप दशमी पर श्रद्धालुओं ने मंदिर में धूप चढ़ाई और पूरे दिन का उपवास रखा। नंदीश्वर विधान में सौधर्म इंद्र-इंद्राणी, ईशान इंद्र-इंद्राणियों और पुजारियों ने मांडले पर 52 अर्घ्य अर्पित किए।
उत्तम संयम को धारण करने से बढ़ता है मनोबल
बड़ौत। विधान के मध्य मंगल प्रवचन करते हुए मुनि विशुभ्र सागर महाराज ने कहा कि मनोबल को बढ़ाने की अचूक औषधि संयम है। संयम धर्म के द्वारा साधक बेलगाम इंद्रिय और मन पर नियंत्रण रखता है। उत्तम संयम धर्म मनुष्य को सामाजिक, नैतिक, धार्मिक एवं जिम्मेदार बनाता है। कहा कि जैसे बिना ब्रेक के गाड़ी बेकार है। ठीक उसी प्रकार बिना संयम के अमूल्य मनुष्य भव बेकार है। इसीलिए आगम में संयम का पालन मुनिराज और श्रावक दोनों के लिए वर्णित है। शाम को अजितनाथ सभागार में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से प्रतिक्रमण, आरती की। इसके बाद जेएसवी एकेडमी के बच्चों रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समा बांधा। प्रतिभागी बच्चों को संदीप जैन की तरफ से उपहार भेंट किए।
108 दीपकों से की गई आरती
बड़ौत। संध्या के समय पारस नाथ भगवान, पंच परमेष्टि भगवान की संगीतमयी आरती 108 दीपकों से की गई, जिसमें काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों को आकाश जैन ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मौके पर सतेंद्र जैन, नरेश चंद जैन, संयम जैन, मुकेश जैन, राजीव जैन, जयपाल जैन, अदिश जैन, अनिल जैन, अमन जैन, संजीव जैन का सहयोग रहा।