बागपत। जिला पंचायत में विकास कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे है। सड़कें बनते ही टूट रही है तो नालों का पूरा निर्माण होने से पहले टूटने पर हंगामा हो रहा है। इन सभी विकास कार्यों पर जांच बैठ गई है और ठेकेदारों का भुगतान रोक दिया है। इसके साथ ही ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बावली गांव में 18 लाख रुपये से 400 मीटर नाले का निर्माण कराया जा रहा था। उसका 50 मीटर का निर्माण बाकी थी, लेकिन वह उसके पूरा होने से पहले ही गिर गया। जिसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो उसकी जांच बैठाते हुए ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगा दी गई। मलकपुर में 55 लाख रुपये से बनाई गई सड़क में पांच दिन बाद ही घास उगने लगी और उससे बजरी उखड़ने लगी।
इस सड़क के निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर खूब हंगामा हो रहा है। वहीं अब खेड़ा इस्लामपुर में 58 लाख रुपये से बनाई गई सड़क के जगह-जगह से उखड़ने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे हैं। इस तरह से जिला पंचायत के सभी विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं और उससे विकास कार्य प्रभावित हो रहा है।
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अपर मुख्य अधिकारी ने जांच बैठाते हुए भुगतान पर रोक लगाई
जिला पंचायत के विकास कार्यों में ठेकेदार गुणवत्ता के अनुसार सामग्री नहीं लगा रहे हैं। इस कारण ही भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। मलकपुर की सड़क निर्माण में खामियां होने के आरोप लगने पर अपर मुख्य अधिकारी चंद्रवीर सिंह खुद जांच करने के लिए वहां पहुंचे। वहां सड़क के बीच में घास उगी मिली तो कई जगह से बजरी उखड़ी मिली। जिस पर जांच बैठा दी गई और ठेकेदार का भुगतान रोक दिया। खेड़ा इस्लामपुर वाली सड़क की जांच शुरू करने के साथ ही ठेकेदार का भुगतान रोका गया। इन सभी ठेकेदारों पर कार्रवाई की तैयारी हो गई है।