बागपत। जिला पंचायत में लंबी खींचतान के बाद 25 मार्च को बोर्ड की बैठक बुलाई गई है। जहां जिले में विकास कार्यों का खाका खींचा जाएगा। इस बैठक के लिए एजेंडा तैयार करके सभी सदस्यों को भेज दिया गया है। वहां भाजपा के जिला पंचायत सदस्य विकास कार्य नहीं होने व भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर हंगामा कर सकते हैं।
जिला पंचायत बोर्ड की आखिरी बैठक 23 अप्रैल 2022 को हुई थी और उसके बाद से बोर्ड बैठक नहीं बुलाई गई। जिससे जिला पंचायत सदस्यों के वार्डों में विकास कार्यों की मंजूरी नहीं हो सकी। क्योंकि बोर्ड बैठक में विकास कार्यों के प्रस्तावों पर मुहर लगती है। यह सब कुछ उस हालात में हुआ, जब जिला पंचायत के खाते में करीब पांच करोड़ रुपये का बजट मौजूद है।
यह रुपया बोर्ड बैठक में विकास कार्यों का प्रस्ताव मंजूर होने के बाद ही खर्च किया जाना है। जनवरी में बैठक कराने की तैयारी की गई, लेकिन भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए। जिससे बैठक पर रोक लगा दी गई थी। अब 11 महीने के लंबे इंतजार के बाद 25 मार्च को बोर्ड बैठक बुलाई गई है। जिसमें विकास को लेकर कार्य योजना बनाई जाएगी।
यह रखा गया है एजेंडा
- वित्तीय वर्ष 2022-23 के संशोधित बजट को लेकर चर्चा की जाएगी
- वित्तीय वर्ष 2023-24 के मूल बजट पर मंजूरी के लिए चर्चा की जाएगी
- वर्ष 2020-21 व 2021-22 की संशोधित कार्ययोजना पर चर्चा होगी
- वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान से विकास कार्य कराने पर चर्चा होगी
- व्यवसायिक लाइसेंस की उपविधि के संशोधन पर विचार
- वर्ष 2021-22 के कारण निर्धारण की स्वीकृति पर विचार होगा
- जिला पंचायत के अंतर्गत कार्य करने के लिए संस्था के पंजीकरण के लिए श्रेणी बनाए जाने पर विचार होगा
- आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण पर चर्चा होगी
कोट...
जिला पंचायत से विकास कार्य कराने में पक्षपात कराया जा रहा है और वहां भ्रष्टाचार भी व्याप्त है। हम वहां इन सभी बातों का जवाब मांगते है, इसलिए ही अध्यक्ष बैठक नहीं कराती है। अब बैठक में अभी तक के कार्यों का हिसाब लिया जाएगा।- मनुपाल बंसल, जिला पंचायत सदस्य
जिला पंचायत की बोर्ड बैठक 25 मार्च को बुलाई गई है। जिसमें विकास कार्यों समेत अन्य कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके लिए एजेंडा सभी सदस्यों को भेज दिया गया है। - चंद्रवीर सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत