बागपत के बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर रोड पर उस समय दहशत फैल गई जब एक बाइक पर सवार तीन सशस्त्र बदमाशों ने प्रॉपटी डीलर के मकान में चल रही एक ट्रैक्टर एजेंसी पर फायरिंग कर दी। इसमें एजेंसी मालिक बाल-बाल बच गया। इसके बाद बदमाश प्रॉपर्टी डीलर के नाम 15 लाख रुपये की रंगदारी का पत्र फेंक कर हथियार लहराते हुए फरार हो गए। पत्र में कुख्यात बदमाश मनीष उर्फ अन्ना का नाम लिखा हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस को मौके से 32 बोर का एक खोखा मिला है। इस संबंध में प्रॉपर्टी डीलर ने मनीष उर्फ अन्ना को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दिल्ली-सहारनपुर रोड पर रठौड़ा गांव निवासी सतेंद्र पुत्र सूरत सिंह का मकान है। वह प्रोपर्टी डीलर का काम करता है। मकान के आगे उसने जॉन डीयर ट्रैक्टर एजेंसी के मालिक प्रमोद को दुकान किराए पर दी हुई है। शनिवार की शाम साढ़े चार बजे एक पल्सर बाइक पर तीन सशस्त्र बदमाश पहुंचे और ट्रैक्टर एजेंसी पर निशाना साधते हुए गोली चलानी शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर लोगों ने इधर-उधर भागकर जान बचाई और एजेंसी पर बैठे प्रमोद पुत्र प्रकाशचंद निवासी कोताना भी बाल-बाल बचे।
ली उनके काउंटर में लगी। इसके बाद बदमाश एक रंगदारी का पत्र फेंक कर तमंचे लहराते हुए बावली की ओर फरार हो गए। पत्र पर लिखा था कि प्रॉपर्टी डीलर सतेंद्र 15 लाख रुपये का इंतजाम कर ले और रुपये कहां पहुंचाने है, बाद में बताया जाएगा। पत्र पर कुख्यात बदमाश मनीष उर्फ अन्ना लिखा हुआ था।
इसकी सूचना पर पुलिस ने पूरे क्षेत्र की नाकाबंदी की और बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन बदमाश हाथ नहीं लग सके। बदमाशों के जाने के बाद घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। मौके से 32 बोर का एक खोखा बरामद हुआ। इस संबंध में प्रॉपर्टी डीलर सतेंद्र ने कुख्यात बदमाश मनीष उर्फ अन्ना को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी वीके सिंह ने बताया कि रंगदारी का पत्र कब्जे में ले लिया गया है और रिपोर्ट दर्ज कर इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।
होश संभालते ही अपराधी बन गया था अन्ना
बड़ौत। मनीष उर्फ अन्ना ने होश संभालते ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। उसका पैतृक गांव बावली है। पिता का नाम सोराज है। बचपन में ही उसे रठौड़ा गांव निवासी मामा के पास छोड़ दिया गया था। जैसे-जैसे वह बड़ा होता गया, वैसे-वैसे ही आपराधिक गतिविधियों में उसका नाम आता गया।
मनीष उर्फ अन्ना अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह बनना चाहता है। उसने अगस्त 2014 में रठौड़ा गांव में ही दो सगे भाई मुकेश व विकास उर्फ मोनू पुत्रगण महावीर को गोलियों से भून डाला था। इसके बाद तो वह अपराध की दुनिया का बड़ा खिलाड़ी बन गया था। उस पर छपरौली थाने में लूट, हत्या, चोरी, कातिलाना हमले के 20 मुकदमे दर्ज है। बड़ौत कोतवाली में भी उस पर कई मुकदमे दर्ज है। इस वक्त वह रठौड़ा गांव के दोहरे हत्याकांड में जेल में बंद है।
2015 में बागपत कोर्ट में पेशी के दौरान मनीष उर्फ अन्ना ने हवालात को बम से उड़ाने की भी धमकी दी थी। वह कुख्यात बदमाश उधम करनावल गैंग से जुड़ा हुआ है। जेल में रहते हुए ही उसने अपने गुर्गों से प्रॉपर्टी डीलर से 15 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। पुलिस का कहना है कि जो पत्र फेंका है, उस पर मनीष उर्फ अन्ना का नाम लिखा है। मामले की जांच की जा रही है।