बागपत। दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रमीत की गई जमीन के मुआवजे सहित अन्य कई समस्याओं को लेकर किसान संघर्ष समिति का एक प्रतिनिधि मंडल कलक्ट्रेट में पहुंचा। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वह कार्य बंद करा देंगे।
किसानों ने बताया कि गांगनौली, टीकरी, बिजरौल, लौहड्डा, अग्रवाल मंडी टटीरी, जलालपुर, नांगल सहित 27 गांवों की जमीन कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की गई थी। मुआवजा देने में खामियां बरती गई। टीकरी व अग्रवाल मंडी टटीरी कस्बे में किसानों को शहरी क्षेत्र का मुआवजा दिया गया, जबकि जमीन ग्रामीण क्षेत्र की है। कॉरिडोर का निर्माण करते समय किसानों के खेतों में जाने वाले मार्गों को भी बंद कर दिया गया। ऐसे में किसान खेतों में भी नहीं जा पा रहे है।
बताया कि गांव में गजट से ज्यादा जमीन अधिग्रहित की गई है और मुआवजा कम दिया गया। उन्होंने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जमीन की पैमाइश कराकर मुआवजा दिलाने, खेतों में जाने वाले मार्गों को खुलवाने की मांग की। इस दौरान नीरज, वेद सिंह, हरपाल सिंह, तिरशपाल सिंह आर्य, रंजीत, कर्मबीर पिंटू मौजूद रहे।