बागपत। मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए जमीन के विवाद को लेकर शुक्रवार को मीतली समेत आसपास के कई गांवों के लोगों और नेताओं का प्रतिनिधिमंडल डीएम अस्मिता लाल से मिला। डीएम को पूरी स्थिति बताई गई तो उन्होंने साफ कर दिया कि अगर मत्स्य विभाग की एनओसी आती है तो मीतली में कॉलेज निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए मीतली में जमीन चिह्नित की गई थी। इस जमीन को वर्ष 2023 में राजस्व विभाग के नाम दर्ज कराया जा चुका है। वहीं मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए श्री जयपाल सिंह शर्मा ट्रस्ट के साथ मिलकर 101 करोड़ रुपये का अनुमोदन हो गया है। मगर, जनता वैदिक कालेज की प्रबंध समिति ने चार दिन पहले मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 96 बीघा भूमि दान देने का प्रस्ताव पास करके डीएम को सौंप दिया।
इसको लेकर ही मीतली में बृहस्पतिवार को करीब 30 गांवों के लोगों व सभी पार्टियों के नेताओं की पंचायत हुई थी। इसमें मीतली की जगह बड़ौत के प्रस्ताव का विरोध किया गया और इसको लेकर ही प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को कलक्ट्रेट में डीएम से मिला। गन्ना समिति के चेयरमैन प्रदीप ठाकुर, भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान, बसपा जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी समेत सभी ने डीएम को बताया कि मेडिकल कॉलेज निर्माण की कार्रवाई मीतली में शुरू हुई थी।
इसके लिए प्रस्ताव भी मीतली का गया हुआ है और शासन व प्रशासन के बीच पत्र व्यवहार भी मीतली की जमीन को लेकर चल रहा है। इस तरह निर्माण की कार्रवाई भी मीतली के नाम पर चल रही है। इसलिए मेडिकल कॉलेज की जगह में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए।
लोगों ने बताया कि डीएम ने मत्स्य विभाग की एनओसी मंगवाने की बात कही है और एनओसी आने पर मीतली में निर्माण की कार्रवाई को बढ़ा दिया जाएगा। इसके लिए लोगों ने फैसला किया कि अब शासन में पैरवी करके जल्द एनओसी मंगवाई जाएगी, जिससे मीतली में मेडिकल कालेज का निर्माण शुरू हो सके।
यह भी रहे शामिल
पूर्व प्रमुख जितेंद्र धामा, किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनु मलिक, पूर्व जिपं सदस्य रमेश कुशवाह, तेजपाल बली, उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता, भाजपा के जिला प्रवक्ता देवेंद्र घिटौरा, आशीष वशिष्ठ, विजय फौजी, इंद्रपाल प्रधान, वीरेंद्र प्रधान, राकेश प्रधान, सुनील मेवला, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, भाजपा मंडलाध्यक्ष संदीप वशिष्ठ, अंकित ठाकुर आदि मौजूद रहे।
जमीन पर दो प्रस्ताव दिए, अब शासन लेगा फैसला : वीरेंद्रपाल
जनता वैदिक कॉलेज की प्रबंध समिति ने जिस 96 बीघा जमीन का प्रस्ताव मेडिकल कॉलेज के लिए पास किया है। उसमें से करीब 60 बीघा जमीन दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे व मीरापुर रजबहे की पटरी से सटी हुई है, जबकि 37 बीघा जमीन उसके सामने नेशनल हाईवे के दूसरी तरफ है। इस तरह दोनों जमीन के बीच 50 मीटर की दूरी है। समिति के अध्यक्ष वीरेंद्रपाल सिंह कहते हैं कि 36 बीघा में हॉस्टल व 60 बीघा में मेडिकल कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा उनका कहना है कि पूर्व सांसद डॉ़ सत्यपाल सिंह को कॉलेज को विश्वविद्यालय बनवाने का प्रस्ताव बनाकर सौंपा गया था। विश्वविद्यालय व मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्ताव करने में प्रबंध समिति ने कोई देरी नहीं की। अब शासन को फैसला लेना है कि वह इसमें से क्या बनाए। कॉलेज के पास करीब 500 बीघा जमीन है और क्षेत्र के हित में इनके अलावा भी कुछ बन सकता है तो उसके लिए भी प्रबंध समिति जमीन देने को तैयार है।
मीतली में कॉलेज निर्माण को सीएम से मिलेंगे विधायक योगेश
बागपत से भाजपा विधायक योगेश धामा का कहना है कि मीतली में पहले से मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित है। जब मीतली में जगह भी चिह्नित हो चुकी है तो मेडिकल कॉलेज का निर्माण उसी जगह पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम से 17 फरवरी को मिलने का समय लिया हुआ है। वह सीएम के सामने इस मामले को रखेंगे और मीतली में मेडिकल कॉलेज निर्माण की बात मजबूती से रखी जाएगी।