नई नीति के तहत नर्सिंग होम और क्लीनिकों का चल रहा पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। जिले में नर्सिंग होम और क्लीनिकों का पंजीकरण और नवीनीकरण की कार्रवाई चल रही है। सीएमओ कार्यालय में चिकित्सकों द्वारा भेजे गए अभिलेखों की जांच की गई। 11 नर्सिंग होम ऐसे है, जिनके अभिलेखों में खामियां मिली है। विभाग ने चिकित्सकों को इन कमियों को दूर करने के लिए निर्देशित किया है। ऐसा नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।
नई नीति के तहत नर्सिंग होम और क्लीनिकों का पंजीकरण चल रहा है। सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए फाइलों पहुंच रही है। 31 मई तक सभी के पंजीकरण निरस्त हो जाएंगे। दर्जनों चिकित्सकों की फाइल विभाग के पास पहुंच चुकी है। फाइलों की जांच की गई तो 11 नर्सिंग होम और क्लीनिक के अभिलेखाें में कमियां मिली है। सबसे अधिक अग्निशमन की एनओसी और क्रियाशीलता का प्रमाण पत्र नहीं मिला है। सीएमओ डा. दिनेश कुमार ने आइएमए के इन सभी सदस्यों को पत्र जारी कर 31 मई से पहले सभी कमियों को पूरा कराने के निर्देश दिए है। पंजीकरण और नवीनीकरण का कार्य 31 मई को स्वत: समाप्त हो जाएगा। पंजीकरण और नवीनीकरण न होने की जिम्मेदारी स्वयं की होगी।
बड़ौत के नर्सिंग होम और क्लीनिक में मिली कमियां
उत्कर्ष नर्सिंग होम, तोमर नर्सिंग होम, आनंद हास्पिटल, नीति नर्सिंग होम, डा. वैभव जैन डेंटल क्लीनिक, दुर्गा डेंटल क्लीनिक, डा. राजेश्वर सिंह डेंटल क्लीनिक में अग्निशमन की एनओ और क्रियाशीलता का प्रमाण पत्र नहीं था। इसके अलावा नारायणा नर्सिंग होम विभिन्न तरह की कमियां मिली है। कटियार नर्सिंग होम में भी यह ही कमियां थी। नीरज मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल में प्रदूषण, अग्निशमन, ऑरिजनल शपथ पत्र तथा पत्रावली अपूर्ण थी। वर्दान पिडियाट्रिक एंड आर्थोपैडिक में आरिजनल अभिलेख स्कैन नहीं किए गए है। फोटो कापी से स्कैन है, जिससे पोर्टल पर मान्यता नहीं मिल रही है।