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कर्ज में डूबे किसान की मौत

Tue, 15 Sep 2015 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बड़ौत
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गांव वाजिदपुर में कर्ज में डूबे किसान की सदमे से मौत हो गई। बताया गया कि किसान के ढाई लाख रुपये मलकपुर मिल पर गन्ना भुगतान के बकाया थे और वह कर्ज लेकर बीमारी का इलाज करा रहा था। परिजनों ने इस मौत के लिए डीसीओ और मिल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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किसान सुधीर (42) वर्ष वाजिदपुर गांव का निवासी था। सुधीर के बेटे राहुल ने बताया कि उनका मलकपुर मिल पर गन्ना भुगतान का ढाई लाख रुपये का बकाया है। भुगतान नहीं मिलने के कारण परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।

 हाल ही में पिता सुधीर ने बीमारी में साहूकार से दो लाख रुपये का कर्ज लेकर अपना इलाज कराया था। अब कर्जा और उसके ब्याज का तकादा उनपर हो रहा था। सुधीर ने 25 अगस्त को जिला गन्ना अधिकारी बागपत के यहां प्रार्थना पत्र देकर मलकपुर मिल से बकाया गन्ना भुगतान कराएं जाने की मांग की थी, आरोप है कि उसके प्रार्थना पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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घरेलू खर्चों के साथ कर्जे का तकादा था।इसी सदमे में सोमवार को सुधीर ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप था कि डीसीओ बागपत, मलकपुर मिल के जीएम केन किसान की मौत के दोषी है। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।

सुधीर के परिवार में तीन बेटे राहुल, अंकुर, अरुण और पत्नी अंजू है। घर के मुखिया की मौत होने पर हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीण मिल ओर प्रशासन को कोस रहे हैं। उधर, पूर्व विधायक महक सिंह का कहना है कि मलकपुर मिल पर किसानों का करोड़ों रुपये का बकाया है।

घर के खर्चे किसान कर्ज लेकर चला रहे हैं। भुगतान के नाम पर किसान की कही कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पीड़ित परिवार को शासन से 10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।

इस मामले में जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय का कहना है कि उन्होंने एसडीएम बड़ौत को जांच कराए जाने के निर्देश दिए हैं। यह पता लगाया जाएगा कि किस साहूकार के कर्ज के दबाव में किसान की मौत हुई है और गन्ने का कितना बकाया है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि हमारे पास जिन लोगों के आवेदन आए थे, उनका भुगतान करा दिया गया है। अभी वे लखनऊ में हैं। यदि कोई आवेदन शेष है, लौटने पर उनका भी भुगतान करा दिया जाएगा।
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