बागपत के निरपुड़ा गांव में एक व्यक्ति की कैंसर से मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पेयजल की वजह से गांव में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी फैल रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को मौत की सूचना दी, लेकिन किसी ने भी गांव पहुंचकर सुध नहीं ली है।
मृतक हरिप्रकाश शर्मा (85) पुत्र खासे शर्मा निरपुड़ा गांव के रहने वाले थे। वह काफी दिनों से कैंसर से पीड़ित थे। परिजनों ने मेरठ व दिल्ली में उनका इलाज कराया, लेकिन कुछ आराम नहीं लगा। शनिवार को उनकी मृत्यु हो गई। ग्रामीणों ने उनकी मौत का कारण गांव का दूषित पेयजल बताया है। ग्रामीणों ने बताया कि कृष्णा व हिंडन नदी में प्रवाहित दूषित जल के कारण गांव का पेयजल भी दूषित हो गया है। इस कारण एक साल के अंदर गांव में सात लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। सूचना के बाद भी स्वास्थ्य विभाग उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है।
एनजीटी ने जिला प्रशासन को नदियों से प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन आज तक भी उनके गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिसका खामियाजा लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। गांव के हरफूल अमीन, वेद भरत, गुलाब सिंह, पूर्व प्रधान कृष्णपाल राणा, संजीव राणा, तेजपाल ठेकेदार, विक्रम सिंह, डॉ. राजेंद्र सिंह आदि ने मौत पर दुख प्रकट किया और जिला प्रशासन से गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।