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दो दिन में बेटी नहीं आई तो छोड़ देंगे गांव

Mon, 04 Jul 2016 01:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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जौहड़ी गांव से 14 जून से अपहृत किशोरी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। रविवार को एसपी आवास पर पहुंचे पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर बेटी बरामद नहीं हुई तो वे गांव से पलायन कर लेंगे।
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 किशोरी की मां का कहना है कि उसकी 16 वर्षीय बेटी 14 जून को गांव के बाहर सड़क पर गोबर डालने के लिए गई थी। वहां से गांव का ही विशेष समुदाय का युवक सोनू अपने साथी के साथ किशोरी को बाइक पर जबरदस्ती लेकर चला गया। घटना की बालैनी पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

पुलिस केवल एक-दो दिन में किशोरी को बरामद करने का आश्वासन दे रही है, लेकिन नतीजा शून्य है। आरोपी पक्ष के लोग गांव में पंचायत करके उन पर दबाव बना रहे हैं। पुलिस उनकी कुछ नहीं सुन रही है। जबकि आरोपियों के घर पर पुलिस हर समय रहती है। रविवार को वह अपने बेटे के साथ एसपी आवास पर पहुंची। वहां पर तैनात कर्मचारियों ने  पुलिस अधीक्षक को मेरठ मीटिंग में जाना बता दिया। 
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 उसने कहा कि दो दिन के अंदर पुलिस ने उसकी बेटी को बरामद नहीं किया तो वह अपने परिवार के साथ गांव से पलायन कर लेंगी।  बता दे कि इस मामले में किशोरी के परिजन और बिरादरी के लोगों की पंचायत हुई थी। उसमें आरोपी युवक के परिवार की लड़की को उठाने की धमकी दी थी। इसको लेकर हंगामा हुआ था। उस समय भी किशोरी के परिवार ने गांव से पलायन करने की चेतावनी दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना निर्णय वापस ले लिया था। 

परिवार को कर दिया मुचलका पाबंद 
बागपत। किशोरी के भाई का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने उनके पूरे परिवार को मुचलका पाबंद कर दिया है। गांव में झगड़ा कोई ओर करेगा, पुलिस कार्रवाई उन पर करेंगी। इससे अच्छा तो यहीं है कि वे अपना गांव छोड़कर कहीं बाहर चले जाए।

मीडिया कर्मियों से विवाद ही नहीं हुआ   
बागपत। युवक का कहना है कि तीन दिन पूर्व गांव में मीडियाकर्मी पहुंचे थे। उनकी गांव के लोगों से कहासुनी हुई थी। इस दौरान बिनौली थाना पुलिस एक कागज पर कुछ लिखकर उसके पास पहुंची। पुलिस वाले ने कागज पर साइन करने के लिए बोला था। उसे नहीं पता था कि कागज पर क्या लिखा है।

उसने उस पर साइन कर दिए। उसे तो बाद में पता चला कि इस मामले में मीडिया कर्मियों पर मुकदमा दर्ज हो गया है। उनके साथ किसी मीडियाकर्मी ने बदसलूकी और मारपीट नहीं की है। लूटपाट का तो सवाल ही नहीं। यह तो पुलिस की सोची समझी साजिश है।
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