बागपत/बड़ौत/खेकड़ा। बारिश ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया। गेहूं की फसल लोटपोट हो गई। आम के बोर को नुकसान हुआ है। गन्ने के तौल का कार्य बाधित हुआ। इसके अलाव बुवाई का कार्य भी रोक देना पड़ा।
शुक्रवार शाम देर रात तक तेज हवा के साथ बरसात हुई। बरसात से जहां मौसम के मिजाज में बदलाव हुआ है, वहीं खेतों मेें कटी पड़ी सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा तेज हवाओं से जो गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई, उसे भी नुकसान होगा। साथ ही इस समय जो किसान गन्ने की बुवाई का मन बना रहे थे, उन्हें दो से तीन दिन का इंतजार करना पड़ेगा। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के प्रभारी डॉ. गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि बारिश से नुकसान हुआ है। एडीओ कृषि रक्षा बड़ौत नरेशपाल का कहना है कि सरसों की फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है, क्योंकि बरसात के साथ आई तेज हवाओं ने सरसों की फली टूटकर जमीन पर जा गिरी। जो सरसों की फसल पहले ही खेतों मेें कटी पड़ी है, उसका भी नुकसान पहुंचा है। क्योंकि जब तेज धूप खिलेगी तो जमीन से सरसों की फसल को उठाने के वक्त उसके दाने झड़ जाएंगे। बरसात के बाद तौल कार्य बाधित हुआ, जिससे किसानों को अब और अधिक इंतजार करना पड़ेगा।