पहाड़ों पर बारिश के चलते यमुना और हिंडन नदी उफान पर है। यमुना नदी में बुधवार रात से गुरुवार तक 2.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसके चलते बाढ़ चौकियों से यमुना व हिंडन नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
हथिनीकुंड से लाखों क्सूसेक पानी छोड़ा जाने के बाद यमुना व हिंडन नदी कई बार खतरे के निशान को पार कर चुकी है और यमुना खादर में सैकड़ों बीघा सब्जी व चारे की फसल जलमग्न हो चुकी है। जिसने किसानों को काफी नुकसान हो गया और बढ़ते जलस्तर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उधर, पहाड़ों पर बारिश होने के कारण हथिनीकुंड बैराज से बुधवार रात से गुरुवार तक 2.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो दो दिन बाद बागपत पहुंचेगा।
यह भी पढ़ें: वर्दी पर दाग: कभी पुलिस चौकी में चाकूबाजी तो कभी शराब के नशे में उत्पात, हैरान कर देंगे खाकी के कारनामे
उधर, गुरुवार को यमुना का जलस्तर एक मीटर घटकर 207.70 दर्ज किया गया, बुधवार को 208.70 था। जबकि हिंडन नदी का जलस्तर गुरुवार को 209.64 मीटर दर्ज किया गया। सिंचाई विभाग के एक्सईएन उत्कर्ष भारद्वाज का कहना है कि यमुना व हिंडन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, जिस पर बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारी नजर रख रहे हैं और हर अपडेट अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं।