बागपत के अमीनगर सराय के पुरा के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने आई महिला श्रद्धालु के गले से चेन झपट ली गई। गाजियाबाद निवासी महिला उर्वशी ने बताया कि जलाभिषेक करने के लिए पुरा मंदिर में पहुंची।
इसी दौरान उसके गले से सोने की चेन साफ हो गई। पता चलने पर उसने शोर मचा दिया। उसका कहना है कि जिस समय वह लाइन में लगी हुई थी तब उसके गले में चेन थी, लेकिन जब जलाभिषेक करके वापस बाहर निकली तो उसके गले से चेन गायब मिली। डीएम हृदय शंकर तिवारी और एसपी अजय शंकर राय से शिकायत की। दोनों अफसरों ने खुद वहां पर लगे सीसीटीवी की फुटेज की जांच की, लेकिन चेन बरामद करने में अफसर कामयाब नहीं हुए।
मेले में खूब की खरीदारी, झूले बच्चे
बालैनी। श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर के आसपास मैदान में मेले का आयोजन किया गया। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने खूब खरीदारी की। दुकानों पर खूब भीड़भाड़ रही। पुलिस भी दुकानों के आसपास गश्त करती रही। उधर, यहां लगाए गए झूलों का बच्चों ने खूब लुत्फ उठाया।
मार्गों पर जाम की स्थिति, परेशानी
बालैनी। पुरा गांव जाने वाले मार्गों पर जाम की स्थिति रही। अमीनगर सराय से पुरा जाने वाले रास्ते पर वाहनों की आवाजाही अधिक होने के कारण यहां जाम लग गया, जिस कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य मार्ग पर भी जाम खुलवाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
जल इतना प्रदूषित कि खतरे में शिवलिंग
दोघट। दोआब पर्यावरण समिति के चेयरमैन एवं पर्यावरणविद डॉ. चंद्रवीर राणा ने निरपुड़ा गांव में यशपाल सिंह के आवास पर कहा कि हिंडन, कृष्णा और काली नदियों का पानी दूषित हो गया है। बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा तीनों नदियों के पानी की जांच में खुलासा हुआ है कि यदि इन नदियों के जल से शिवलिंग पर लगातार अभिषेक किया जाए तो पानी में युक्त केमिकल का रिएक्शन शिवलिंग को खत्म कर देगा। नदियों का दूषित पानी पर्यावरण की दृष्टि से शिवलिंग पर भी चढ़ाने लायक नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को नदियों के जहरीले पानी से बचाने के लिए और जनता को जागरूक करने के लिए दोआब पर्यावरण समिति ने मुहिम चला रखी है और एनजीटी में इसका सुनवाई चल रही है। सात मार्च को सुनवाई होगी। उप्र सरकार व उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का शपथ पत्र आना बाकी है।