टीकरी कस्बे में वृद्धा रामभतेरी की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसकी मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि धारदार हथियार से हमला होनेे से हुई थी। चिकित्सकों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ।
बुधवार सुबह चांदवीर के मकान में रामभतेरी की हत्या की गई थी। मृतका के जेठ और उसके बेटों पर गोली मारकर हत्या का आरोप लगा था। दोघट थाने में मृतका के भतीजे सुधीर निवासी डूंगर (शामली) ने रामपाल, पत्नी महेंद्री, बेटे कालू उर्फ परविंदर, पप्पू उर्फ सतेंद्र, पोते शिवम (सतेंद्र के बेटे), शेखर (कालू के बेटे) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पोस्टमार्टम के बाद रिपोर्ट पहुंची तो पुलिस अफसर हैरान रह गए। मृतका की मौत धारदार हथियारों के वार से होना बताया गया था। उस समय तक शव कस्बे में पहुंच चुका था। पुलिस अफसरों ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की। शव को दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उसके बाद चिकित्सकों ने पैनल ने गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम किया। बाद में शव का दाह संस्कार किया गया। एएसपी अजीजुल हक का कहना है कि रामभतेरी की मौत का सही कारण पता लगाने के लिए दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया था।