दोघट (बागपत)। बामनौली गांव में सरे बाजार दो युवकों ने उधम करनावल गैंग के शूटर अर्जुन उर्फ देवा की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी और बाजार में हथियार लहराते हुए बाइक से भाग गए। घटना के बाद बाजार में दहशत फैल गई और धड़ाधड़ दुकानें बंद हो गई।
घटनास्थल से 32 बोर के दो खोखे और 315 बोर का एक जिंदा कारतूस मिला है। अर्जुन 15 दिन पूर्व ही जेल से जमानत पर बाहर आया था और बड़ौत के एक कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा दे रहा था। इस मामले में पिता ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। सूचना मिलने पर एसपी रवि शंकर छवि मौके पर पहुंचे।
मृतक अर्जुन उर्फ देवा (23) पुत्र ब्रहम पाल बामनौली गांव का रहने वाला था। वह उधम करनावल गैंग का सक्रिय सदस्य था। देवा शनिवार को दोपहर करीब 1:15 बजे घर में था तो उसके मोबाइल पर फोन आया और वह घर में यह कह कर चला गया कि बाजार जा रहा हूं, थोड़ी ही देर में आ जाऊंगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह बाजार में पिंकू की दुकान पर पहुंचा और उससे केले खरीदने लगा। तभी वहां पर हथियारबंद दो बदमाश आए और उन्होंने अर्जुन को आवाज लगाते हुए पिस्टल व तमंचे से अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी। अर्जुन के सिर और कमर में छह गोलियां लगीं और वह लहूलुहान होकर गिर गया।
इसके बाद बदमाश हथियार लहराते हुए बाइक से भाग गए। घटना के बाद बाजार में दहशत फैल गई और लोग दुकानें बंद कर भाग निकले। सूचना पर एसपी रवि शंकर छवि, एएसपी एजाजुल हक, सीओ सीपी सिंह और कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घटना की जानकारी ली। पुलिस को मौके से 32 बोर के दो खोखे और 315 बोर का एक जिंदा कारतूस मिला है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में पिता ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसपी रवि शंकर छवि ने बताया अर्जुन पर बड़ौत कोतवाली में हत्या, लूट, गैंगेस्टर, पुलिस मुठभेड़ के छह और बागपत कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज हैं। अर्जुन 2015 में 307 के मामले में जेल गया था और 15 दिन पूर्व ही जेल से छूटकर आया है। उन्होंने बताया इस मामले में शामिल बदमाशों की तलाश के लिए कई टीमें लगा दी गई है और मृतक का मोबाइल कब्जे में ले लिया गया है। उसकी कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। इस हत्या के पीछे पुलिस अभी तक गैंगवार का कारण बता रही है।