गांगनौली गांव में पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत के दोनों संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया है। उनकी निशानदेही पर बुढ़पुर-सूजती के जंगल से लूटी गई एसएलआर बरामद हुई है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपियों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर दिया है। असलाह कब्जाने के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस इसी आधार पर कांड का खुलासा करने की तैयारी कर रही है।
सोनीपत में पुलिस टीम ने दबिश देकर रविवार को दोनों संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया। बागपत लाकर पुलिस अफसरों ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने वारदात का इकबाल किया। आरोपियों ने बताया उनको आधुनिक असलाह की आवश्यकता थी, इसलिए उन्होंने पुलिस के हथियार कब्जाने की ठानी।
10 अक्तूबर को ये दोनों सविता के घर पर आए। पुलिस वालों को कोल्ड ड्रिक में नशीली गोलियां डालकर पिला दी। इससे वे बेहोश हो गए। इसके बाद उनकी हत्या कर एसएलआर लूट ली। पुलिस वालों की हत्या इसलिए की, क्योंकि उनको शक था कि होश में आने के बाद पुलिस वाले उनका भेद खोल देंगे।
वारदात को अंजाम देने के बाद रमाला थाना क्षेत्र के एक गांव के युवक को एसएलआर दे दी थी। उसके साथ मिलकर एसएलआर को बुढ़पुर-सूजती के जंगल में जमीन में दबा दिया था। इसके बाद वह युवक उनको बाइक पर लेकर यमुना खादर में गया। यमुना पार करके हरियाणा चले गए थे।
मृत समझकर छोड़ा था सिपाही प्रताप को ः बागपत। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए संदिग्ध युवकों ने बताया जिस समय उन्होंने पुलिस वालों की हत्या की। उस समय सिपाही प्रताप बेहोशी की हालत में था। उसके मुंह पर मक्खी मंडरा रही थी। उन्हें लगा कि उसकी भी मौत हो गई थी, इसलिए उसे छोड़कर चले गए थे।
गांगनौली की घटना में सिपाही प्रताप की लूटी एसएलआर बरामद हो गई है। कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ चल रही है। कई अहम जानकारी मिली है। जल्द ही केस का खुलासा कर दिया जाएगा।
- पूनम, एसपी बागपत
मरते दम तक कातिलों से लड़ती रही सविता
महिला सविता कातिलों से मरते दम तक लड़ती रही। उसने कातिलों के साथ खूब हाथापाई की। यहां तक कहां वह मरते दम तक अपने घर से पुलिस वालों का हथियार नहीं ले जाने देगी। तुमने यहां पर ही खाया और हमारा ही नाश कर दिया। इसी दौरान कातिलों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस सूत्रों की माने तो पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस अफसरों को कुछ इस तरह बताया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पकड़े संदिग्ध युवक ने पुलिस अफसरों को बताया उनका इरादा पुलिस वालों की गर्दन रेतकर उनके असलाह लूटकर ले जाना था। इसलिए सबसे पहले एचसीपी राकेश शर्मा की गर्दन रेती। उसकी चीख मकान के नीचे तक पहुंच गई थी। आवाज सुनकर सविता की बेटी प्रीति वहां पर पहुंच गई। प्रीति ने उनको गर्दन रेतते देख लिया था। उसने शोर मचा दिया।
तभी उन्होंने पुलिस वालों की एसएसआर से प्रीति और सिपाही विजय कुमार की गोली मारकर हत्या की। जैसे ही वे एसएलआर लेकर छत से नीचे पहुंचे। सविता ने उनको देख लिया था। उसने एसएलआर ले जाने का विरोध किया। इस दौरान उन युवकों की उसके साथ हाथापाई हुई। इस दौरान उसने उन्हें खूब नसीहत दी।, लेकिन उनको तरस नहीं आया। एक आरोपी ने सविता पर भी गोली चला दी। इससे उसकी मौत हो गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने सविता के पिता मांगेराम की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी।
बड़ौत के युवक के माध्यम से सविता के घर पर शुरू हुआ था आना जाना ः बागपत। बड़ौत के एक युवक की दोघट क्षेत्र के एक गांव के सफेदपोश के घर आना जाना था। वे दोनों सविता के घर पर आते जाते थे। बड़ौत के युवक के माध्यम से ही सोनीपत का संदिग्ध युवक ने सविता के घर पर आना जाना शुरू किया था। पुलिस सफेदपोश और बड़ौत के युवक की जांच कर रही है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि अफसर इस बारे अभी कुछ नहीं बोल रहे हैं।