डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती के लिए भड़ल गांव में कांवड़ सेवा शिविर से 28 जुलाई को चौथी के छात्र आर्यन उर्फ क्रिश के अपहरण कर हत्या के मामले में पुलिस ने दो युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने फर्जी आईडी पर सिम एक्टीवेट कर उस दुकानदार को दिया था, जिससे फिरौती मांगने वाले बदमाशों ने सिम खरीदा था।
दोघट थाना प्रभारी जितेंद्र यादव के अनुसार आरोपी गाजियाबाद के थाना सिहानी गेट के गांव घूकना निवासी अनुराग वर्मा और प्रवीण त्यागी को रविवार सुबह बड़ौत औद्योगिक चौकी के पास से पकड़ा। प्रवीण मूल रूप से बड़ौत क्षेत्र के गांव बाम का रहने वाला है। वह अनुराग के साथ अपने घर लौट रहा था। अनुराग की घूकना गांव में ही मोबाइल की दुकान है।
आरोपी प्रवीण एक मोबाइल कंपनी से जुड़ा है। वह दुकानदारों के पास सिम पहुंचा है। जिस मोबाइल नंबर से आर्यन के पिता रविंद्र से फिरौती मांगी गई थी। उस सिम को प्रवीण ने 23 जून को एक्टीवेट कर अनुराग वर्मा को दिया था।
एसओ के मुताबिक अनुराग से कुछ दिन बाद पड़ोसी दुकानदार संजय ने सिम ले लिए थे, क्योंकि उसकी दुकान में सिम खत्म हो गए थे। 26 जुलाई को संजय का 10 वर्षीय बेटा दुकान पर बैठा था। इसी दौरान दो युवक उससे सिम खरीदकर ले गए थे।
आरोपी प्रवीण ने फर्जी आईडी पर सिम एक्टीवेट किया। धोखाधड़ी से सिम खरीदने और बेचने के मामले में आरोपी प्रवीण और अनुराग को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेजा।
आरोपी संजय की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, आरोपी प्रवीण और अनुराग ने कहा उनका इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। सिम बेचने वाला उनका पड़ोसी दुकानदार संजय है। उनको तो केस में झूठा फंसाया गया है।