बागपत। बड़ौत में नर्सरी संचालक पर नौ साल पहले हमले के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई। आरोपी रिश्ते में दो सगे भाई और उनका ताऊ है।
बड़ौत की पट्टी मेहर निवासी नर्सरी संचालक चंद्रपाल के मुताबिक 21 जून 2008 को कोताना रोड स्थित अपनी नर्सरी से आकर अपने घर में बैठा हुआ था। तभी रात करीब साढ़े 9:30 बजे उनके मकान में पड़ोस के ही जीवन, कर्मवीर उर्फ विमल पुत्रगण संगत और लोकेश व सोनू पुत्रगण विमल पहुंचे। आरोपियों ने लाठी और सरिया से जानलेवा हमला कर दिया था। उसके कंधे की हड्डी टूट गई थी।
अभियोजन अधिकारी एसके सिंह, वादी के अधिवक्ता रामकुमार तोमर और संतोष कश्यप ने बताया कि सीजेएम मुकेश कुमार ने आरोपी जीवन व उनके भतीजे लोकेश और सोनू को दोषी मानते हुए उनको दो-दो साल की सजा सुनाई और दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। जीवन को जेल भेज दिया गया है। लोकेश और सोनू सीजेएम कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए है।
उधर, चंद्रपाल का कहना है कि श्री शिव मंदिर व धर्मशाला की भूमि पर कब्रिस्तान करने को लेकर विवाद हुआ था। उनके भाई सुनील मंदिर के सचिव है। इसी रंजिश में उन पर हमला किया गया था।