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कागजों में ही बना दिया शौचालय, जांच शुरू

Tue, 28 Mar 2017 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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TOILET - फोटो : DEMO PHOTO
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बागपत। शौचालय निर्माण में आए दिन फर्जीवाड़ा पकड़ा जा रहा है। अफसर भी मान रहे है कि गड़बड़ी तो हो रही है। लहचौड़ा में तो शौचालय कागजों में बना दिए गए है और लाभार्थियों को दो लाख रुपये से अधिक दर्शाए गए है। मामला सीडीओ तक पहुंचा तो उन्होंने भी हैरानी जताई। पूरा रिकॉर्ड तलब किया है।
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  सोमवार को लहचौड़ा के प्रधान के पुत्र संजय और भाकियू के जिला सचिव शिवदत्त शर्मा ने सीडीओ से को अवगत कराया कि 19 गरीब परिवार के घरों में शौचालय बनवाने के लिए चयन हुआ था। लेकिन एक भी शौचालय नहीं बना। सीडीओ हाकिम सिंह ने कहा कि अफसरों को रिकार्ड के साथ उपस्थित होने के लिए जिला समन्वयक और लेखाकार को निर्देशित किया। अभिलेखों की जांच की तो खुलासा हुआ कि लाभार्थियों को दो लाख रुपये से अधिक दर्शाए गए हैं जो आज तक लाभार्थियों को नहीं मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। 
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता माजिद अली ने बताया घर-घर जाकर सत्यापन किया तो उसमें काफी गड़बड़ी मिली। 215 लाभार्थियों की सूची उपलब्ध है। सीडीओ हाकिम सिंह ने कहा कि स्वच्छता अभियान का सभी अभिलेख मंगवाए है। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होगी। वूसली के लिए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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  शौचालय बनवाया नहीं, खुले में जाए नहीं  
बागपत। सिरसली गांव के लोगों ने कलक्ट्रेट प्रभारी को शिकायती पत्र देकर गांव में शौचालय बनवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि 150 परिवार ऐसे हैं, जो खुले में शौच करने जाते हैं। कई बार शौचालय की मांग कर चुके हैं, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।   
  खुले में शौच मुक्त गांव योजना के तहत प्रशासन गांव-गांव मुहिम चलाकर ग्रामीणों को खुले में शौच करने से रोक रहा है, लेकिन उन ग्रामीणों का क्या होगा, जो गरीब हैं। खुद शौचालय नहीं बनवा सकते और प्रशासनिक अधिकारी सरकारी योजना के तहत उनके यहां शौचालय नहीं बनवा रहे हैं। सिरसली गांव में कुछ ऐसे ही हालत हैं। सोमवार को इस गांव के दर्जनों लोग कलक्ट्रेट में पहुंचे। उन्होंने ओसी को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि सरकार गांव को खुले में शौच मुक्त करने पर जोर दे रही है, लेकिन गांव में 150 से अधिक परिवार ऐसे हैं जो घर में शौचालय नहीं होने की वजह से जंगल में खुले में शौच करने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि कई बार अफसरों को शिकायती पत्र सौंप चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं होता है। गांव में ऐसे लोगों के यहां शौचालय बनवा दिया गया है जो अपात्र हैं। उन्होंने मांग की है कि गांव में शौचालय का निर्माण कराया जाए, जिससे उनकी बहु बेटियां सुरक्षित रहे और घर में किसी किसी तरह की बीमारी न हो। ओसी ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। देवेंद्र, महावीर, शिवकुमार, देवी सिंह, मास्टर रोहताश, राजेंद्र, सत्तो, बोहती, उर्मिला, रूबी, रामरती, शिरपाली मौजूद रहे।
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