गांव पहुंचे पीड़ितों ने बताया कि ट्रक में सवार अन्य लोगों ने ट्रक के भीतर लेट कर किसी तरह अपनी जा बचाई। आरोप है कि वे चीख-चीख कर कहते रहे कि वे अपने घर वोट डालने के लिए गांव बल्लामजरा जा रहे हैं, लेकिन हमलावरों ने उनकी एक नहीं सुनी और लगभग एक घंटा तक उन पर फायरिंग करते रहे।
बाद में चौकी बयाना की पुलिस के पहुंचने पर ही हमलावर वहां से भागे। इसके बाद उन्होंने फोन पर गांव में सूचना दी। सूचना मिलते ही घटनास्थल काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। अंधेरे के कारण पहचान नहीं पाए आरोपियों को
फायरिंग के दौरान रात में धुंध भी थी।
इसलिए फायरिंग करने वाले पहचान में नहीं आ सके। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें आवाज भी लगाई कि वह सभी वोट डालने जा रहे हैं। पशु हमारे पास नहीं हैं। लोगों की इस पुकार को आरोपी लोगों ने नहीं सुना और फायरिंग जारी रखी। आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ युवकों पर हमला किया।
चारों तरफ से चलीं गोलियां
गांव बल्ला माजरा के पूर्व प्रधान अबास अली ने बताया कि बुधवार को उत्तरप्रदेश पंचायत के चुनाव है। यह सभी लोग पंजाब से गांव में वोट डालने के लिए आ रहे थे और जैसे ही यह इंद्री के गांव बानूखेड़ी के पास पहुंचे तो रास्ते में किसी ने रास्ता रोका हुआ था। जैसे ही यह लोग रास्ता खोलने लगे तो चारों तरफ से गोलियां चलने शुरू हो गई। फायरिंग करने वाले कौन लोग थे यह पता नहीं है।