धनौरा सिल्वर नगर के देवी सिंह हत्याकांड में फरार चल रहा दीपक दायमपुर पुलिस की गोली का निशाना बना। वह केस की पैरवी कर रही वादी सोहनवीरी की हत्या के लिए धनौरा जा रहा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
धनौरा सिल्वरनगर में 25 दिसंबर 2016 को पुलिस सुरक्षा के बीच देवी सिंह की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक की भाभी सोहनवीरी ने गांव के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में दीपक दायमपुर का नाम सामने आया था। तभी से वह फरार चल रहा था। आरोपियों को सजा दिलाने के लिए सोहनवीर कोर्ट में पैरवी कर रही थी।
बृहस्पतिवार को दीपक दायमपुर अपने साथियों के साथ सोहनवीरी की हत्या करने धनौरा जा रहा था। लेकिन बीच मार्ग पर उसकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई। तीन गोली लगने से गंभीर घायल दीपक को पुलिस मेरठ लेकर पहुंची, इलाज कराया, लेकिन उसकी मौत हो गई। उधर, पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
बता दें कि बृहस्पतिवार को पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि धनौरा-सिल्वर नगर में किसान देवी सिंह की हत्या के मामले में पैरवी कर रही महिला की हत्या करने की मंशा से कुछ बदमाश कार में सवार होकर जा रहे हैं। पुलिस टीम ने इन बदमाशों की घेराबंदी की।
यहां आधा घंटे तक पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। इसमें दीपक निवासी दायमपुर मेरठ के दोनों पैरों में गोली लगने से वह घायल हो गया था। उसके साथी रमन राठी निवासी तलहेड़ा मुजफ्फरनगर तथा विक्रांत निवासी लक्ष्मण विहार मुजफ्फरनगर पकड़े गए थे।
उनका एक अन्य साथी सुनील निवासी धनौरा सिल्वर नगर फरार हो गया था। घायल दीपक को मेरठ मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बिनौली थाना प्रभारी अनुराग शर्मा ने बताया कि शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बदमाशों से 315 बोर के दो तमंचे बरामद किए।