ज्योति के प्रेम प्रसंग में आत्महत्या करने से उसके पिता कृष्णपाल काफी आहत है। उसके अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने से उन्होंने इनकार कर दिया है। परिजनों के मुताबिक कृष्णपाल ने कहा कि ज्यादा दबाव बनाया तो खुद को गोली मार लूंगा।
रेलवे ट्रैक पर मिले शव को देखने के लिए राजीव पत्नी और साथियों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचा। उसने अपनी भांजी ज्योति के शव की शिनाख्त करने के बाद कृष्णपाल को हिमाचल प्रदेश में ज्योति के मरने की फोन से जानकारी दी।
जैसे ही कृष्णपाल को पता चला कि उसकी बेटी ज्योति ने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की है। इससे वे काफी आहत हो गए। राजीव के मुताबिक कृष्णपाल ने अपनी बेटी की मौत पर आने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं कृष्णपाल ने कहा कि ज्यादा दबाव बनाया तो वह भी खुद को गोली मार लेगा। ज्योति की माता संगीता का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है।
बेटी को अफसर बनाने की थी चाह
राजीव ने कहा कि उनके जीजा कृष्णपाल की चाह अपनी बेटी ज्योति को अफसर बनाने की थी। इसलिए उसको पढ़ने की पूरी छूट दे रखी थी। दस साल पहले उन पर काफी कर्ज हो गया था। इसी कारण कृष्णपाल ने गांव छोड़ दिया था।
मेडिकल स्टोर से घर नहीं लौटा था कुलदीप
सुंदर कश्यप का कहना है कि कुलदीप अपने घर से मंगलवार सुबह शामली स्टोर पर गया था, लेकिन शाम तक नहीं लौटा था। इंतजार करने के बाद उसके फोन पर संपर्क किया तो मोबाइल बंद मिला था। कुलदीप के पिता रामधन काबड़ौत में गन्ना क्रेशर पर कार्य करते हैं।
कुलदीप के परिवार में पसरा मातम
शामली। गांव काबड़ौत निवासी कुलदीप उर्फ भूरा की बागपत में ट्रेन से कटकर मौत हो गई। इसकी सूचना मिलने पर कुलदीप के परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग बागपत के लिए रवाना हो गए। हादसे के बारे में बुधवार दोपहर काबड़ौत गांव में परिजनों को पता चला। परिवार में मातम पसर गया।
परिवार के लोगों का कहना है कि कुलदीप के मामा बड़ौत में रहते हैं। परिवार में कुलदीप के पिता राधा चरण के अलावा एक बहन तथा दो भाई हैं, जबकि उसकी मां का एक दशक पूर्व निधन हो चुका है। 20 वर्षीय कुलदीप अपने भाइयों में सबसे छोटा था। वह शामली के मोहल्ला रेलपार स्थित सुविधा पैथोलॉजी लैब पर लैब असिस्टेंट के रूप में नौकरी करता था। लैब के संचालक डाक्टर एनके विश्वकर्मा के मुताबिक ढाई महीना पूर्व ही कुलदीप उनके यहां नौकरी करने आया था। मंगलवार शाम करीब पांच बजे वह लैब से अपने घर के लिए चला गया था।