तीन नकाबपोश चोरों ने शहर के अर्जुनपुरम में हैंडलूम फैक्ट्री के प्रबंधक के मकान में दो लाख रुपये की नगदी समेत चार लाख रुपये की चोरी की। चोरों ने इंडेन गैस एजेंसी के ताले तोड़े, लेकिन एजेंसी में नहीं घुस सके। चोरों ने एक सिपाही के घर में भी घुसने की कोशिश की, शोर मचाने पर चोर भागना गए।
मोहल्ला अर्जुनपुरम निवासी मनोज चौहान पुत्र हरपाल सिंह पानीपत की हैंडलूम फैक्ट्री में प्रबंधक हैं। वह परिवार के साथ पानीपत में रहते हैं। अर्जुनपुरम के मकान का एक हिस्सा उसने एक सिपाही को किराये पर दे रखा है। दो दिन से सिपाही छुट्टी लेकर गया हुआ है।
शनिवार रात में तीन नकाबपोश चोर ताला तोड़कर घर में घुसे। यहां से दो लाख रुपये नगद और करीब इतनी ही कीमत के आभूषण एवं अन्य कीमती सामान चुराकर लिया। इसके बाद प्रबंधक के मकान से कुछ ही दूरी पर धूम सिंह के मकान को निशाना बनाया।
यहां किराये पर रह रहे सिपाही दिनेश की पत्नी ने शोर मचा दिया, जिस पर तीनों चोर भाग गए। इसके बाद नकाबपोश चोर दिल्ली रोड स्थित इंडेन गैस एजेंसी में पहुंचे। यहां के ताले तोड़कर एजेंसी में चोरी करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
एजेंसी का ताला तोड़कर शटर भी उखाड़ दिया। प्रबंधक के मकान में चोरी की जानकारी दिन निकलने पर हुई। आसपास के लोगों का घर पर जमावड़ा लग गया। पीड़ित मनोज चौहान ने पुलिस को जानकारी दे दी।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। नकाबपोश चोरों ने एक जगह चोरी की और दो जगह कोशिश की। तीनों जगह के आसपास ही पुलिसकर्मी रहते हैं, लेकिन चोरों को पुलिस का खौफ नहीं रह गया है।
प्रबंधक के मकान में रहने वाला सिपाही संयोग से छुट्टी पर था। इसके बाद चोरों के निशाने पर दूसरा मकान सिपाही का ही आया। गैस एजेंसी के तोड़े गए ताले के बाद चोरों ने जिस मकान पर निशाना लगाया, वहां भी एक दरोगा किराये पर रहते हैं, लेकिन शनिवार की रात में वह भी मकान में मौजूद नहीं थे।
सीसीटीवी में कैद हुए तीनों चोर
बागपत। शहर में एक जगह चोरी और दो जगह चोरी का प्रयास करने वाले बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। इंडेन गैस एजेंसी पर लगे कैमरे में कैद बदमाशों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। एक के हाथ में तलवार थी और अन्य दोनों सरिया लिए हुए थे।
कहीं लगाया ताला, कहीं बंद कर दी कुंडी
बागपत। तीनों चोरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले आसपास के घरों के दरवाजों की बाहर से कुंडी लगा दी। ताकि शोर मचाने पर लोग घरों से बाहर न निकल सकें।