बागपत शहर के पक्का घाट के पास यमुना खादर में दिल्ली के कंप्यूटर इंस्टीट्यूट संचालक ब्रिजेश यादव की हुई हत्या के मामले में पुलिस ने तांत्रिक इलियास को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया।
पुलिस का दावा है कि ब्रिजेश को आरोपी तांत्रिक इलियास का अपने घर पर आना जाना और झाड़फूंक पसंद नहीं थी। वह इसका विरोध भी करता था। इसी रंजिश में उसने ब्रिजेश की हत्या की है।
जबकि आरोपी इलियास ने कहा उसका एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। ब्रिजेश उनके बीच बाधक था। रास्ते से हटाने के लिए उसने ब्रिजेश की जान ली है।
पकड़ा आरोपी रमाला क्षेत्र के गांव असारा निवासी (हाल निवासी जनता कॉलोनी मुकंदपुर, दिल्ली) इलियास उर्फ राजा है। एएसपी अजीजुल हक ने पत्रकार वार्ता में बताया केस की विवेचना के दौरान आरोपी इलियास का नाम प्रकाश में आया था।
हिरासत में लेकर आरोपी इलियास से पूछताछ की गई तो उसने बताया वह ब्रिजेश के घर में परिवार के सदस्य की हैसियत से रहता था। वह झाड़फूंक करता था। ब्रिजेश की मां का भी इलाज झाड़फूंक से चल रहा था।
ब्रिजेश को उसका अपने घर में आना और उसकी झाड़ फूंक पसंद नहीं थी। ब्रिजेश इसका विरोध करता था। इस रंजिश में उसने ब्रिजेश को मारने की ठान ली थी।
इसके लिए उसे लालच दिया कि जिन्नात ने मुझे बागपत के खादर में जमीन में धन दबा होना बताया है। इस लालच में वह ब्रिजेश को 10 अप्रैल की शाम बागपत लेकर आया। यमुना खादर में ले जाकर उस पर गंडासे से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।
एएसपी ने कहा आरोपी इलियास की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गंड़ासे के अलावा मृतक की पेंट बरामद कर ली गई है। दूसरी तरफ आरोपी तांत्रिक इलियास ने पुलिस अफसरों के सामने मीडिया कर्मियों को बताया उसका मृतक के परिवार की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
इसका ब्रिजेश को पता चल गया था। वह इसका विरोध करता था। जो उसे पसंद नहीं था। रास्ते से हटाने के लिए ब्रिजेश की उसने हत्या की है। उसने बताया युवती ने ही उसे ब्रिजेश की हत्या करने के लिए प्रेरित किया था।
उल्लेखनीय है कि शहर के पक्का घाट के पास गेहूं के खेत में 11 अप्रैल की सुबह एक युवक का शव मिला था। उसकी गर्दन रेती हुई थी। 16 अप्रैल को बिहार के भागलपुर के रहने वाले (हाल निवासी दिल्ली जहांगीरपुरी) प्रकाश यादव ने मृतक की शनाख्त अपने बेटे ब्रिजेश यादव के रूप में की थी।